केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की ओर से बारहवीं कक्षा के रिजल्ट तैयार करने के लिए जारी की गई मूल्यांकन नीति केतहत स्कूल अंकों को अपलोड करने व मॉडरेशन का कार्य कर रहे हैं। इस कार्य के दौरान स्कूलों को लगातार परेशानियां आ रही हैं। बोर्ड इनका समाधान करने में लगा है।
बोर्ड ने स्कूलों को आ रही परेशानियों को लेकर एक बार फओर से कुछ एफक्यूज(लगातार पूछे जाने वाले प्रश्न) जारी किए हैं। दरअसल अधिकतर स्कूल डेटा(अंक) अपलोड करने केबाद उसमें सुधार करना चाहते हैं। बोर्ड ने स्कूलों को स्पष्ट कर दिया है कि अंकों को अंतिम रुप से अपलोड करने केबाद किसी प्रकार का बदलाव नहीं किया जा सकता है।
सीबीएसई ने इस सप्ताह ही अंको की सही गणना करने व मॉडरेशन करने के लिए स्कूलों को 25 जुलाई तक का अतिरिक्त समय दिया है। इससे पहले बोर्ड केपास लगातार स्कूल डेटा में बदलाव करने के लिए सवाल आ रहे हैं।
ऐसे में बोर्ड ने कहा है कि यदि स्कूल डेटा(अंकों की गणना) को अंतिम रूप से जमा कराने से पहले ही किसी प्रकार का बदलाव कर सकते हैं। यदि किसी स्कूल ने डेटा ऑनलाइन जमा कर दिया तो उसकेबाद उसमें परिवर्तन की अनुमति नहीं होगी।
बोर्ड का तर्क है कि यदि स्कूल को ऐसा करने की अनुमति दी जाएगी तो यह उसे अनुचित गतिविधियों में शामिल करने का अवसर देना है। वहीं स्कूलों को दिक्कत आ रही है कि छात्र ने कोई नया विषय लिया है जो कि रेफरंस वर्ष में उपलब्ध नहीं है तो उस विषय केअंकों का क्या होगा। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि ऐसे मामलों में रेफरेंस ईयर में स्कूल द्वारा पेश किए गए सभी विषयों का कुल माध्य अंकों के मॉडरेशन के लिए माना जाएगा।