सीएम केजरीवाल ने मंगलवार को एक ट्वीट किया और लिखा कि 12वीं की परीक्षा को लेकर बच्चे और पेरंट्स काफी चिंतित हैं। वे चाहते हैं कि बिना वैक्सिनेशन, 12वी की परीक्षा नहीं होनी चाहिए।
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मंगलवार को एक बार फिर केंद्र से कोविड-19 की स्थिति को देखते हुए बारहवीं की परीक्षा रद करने की अपील की है। उन्होंने सुझाव दिया है कि छात्रों का मूल्यांकन उनके पिछले प्रदर्शन के आधार पर ही किया जाए। बोर्ड परीक्षाओं को लेकर मंगलवार शाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में होने वाली बैठक से पहले केजरीवाल ने यह अपील की है।
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मुख्यमंत्री ने ट्वीट कर कहा कि छात्र और माता-पिता बारहवीं की बोर्ड परीक्षाओं को लेकर काफी चिंतित हैं। माता-पिता चाहते हैं कि टीकाकरण के बिना परीक्षाएं ना कराई जाएं। मेरी केंद्र से अपील है कि परीक्षाएं रद की जाएं और बच्चों का मूल्यांकन उनके पिछले प्रदर्शन के आधार पर किया जाए। देश में कोरोना संक्रमण के मामलों में बढ़ोतरी को देखते हुए सीबीएसई ने 14 अप्रैल को दसवीं की परीक्षा रद करने और बारहवीं की परीक्षा स्थगित करने की घोषणा की थी।
बोर्ड ने स्थिति की समीक्षा करने के बाद एक जून तक बारहवीं की परीक्षा करने केसंबंध में घोषणा करने को कहा था। इससे पहले हाल ही में केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने परीक्षाओं को लेकर एक उच्च स्तरीय बैठक में परीक्षाओं को लेकर चर्चा की थी। इस पर राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से विस्तृत सुझाव मांगे गए थे। सभी राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों की ओर से मंत्रालय को सुझाव दिए जा चुके हैं।
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वहीं इससे पहले दिल्ली के उपमुख्यमंत्री व शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने केंद्र को भेजे गए सुझावों में कहा था कि यदि बच्चों का टीकाकरण संभव नहीं तो परीक्षा रद की जाए। उन्होंने सुझाव दिया था कि केंद्र विशेषज्ञों से सलाह ले कि जो टीका 18 साल आयु वर्ग को लगाया जा रहा है उसे 17 साल से ऊपर के बच्चों को लगाया जा सकता है।