केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) से संबद्ध स्कूलों में बारहवीं कक्षा के बच्चों के लिए अब प्रैक्टिकल व इंटरनल असेसमेंट (आतंरिक मूल्यांकन), प्रोजेक्ट-वायवा सब ऑनलाइन मोड में आयोजित किए जाएंगे। स्कूलों को इन सबके अंक भी 28 जून तक बोर्ड की ओर से उपलब्ध कराए गए लिंक पर अपलोड करने होंगे।
स्कूलों को कहा गया है कि इस तिथि तक वह आंतरिक मूल्यांकन को पूरा कर अंक अपलोड कर दें। स्कूलों को सीबीएसई ने इस संबंध में दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। स्कूल प्रमुखों को जारी दिशा-निर्देशों में कहा गया है कि वह आंतरिक मूल्यांकन, प्रैक्टिकल, प्रोजेक्ट सब ऑनलाइन मोड में ही आयोजित करें।
दरअसल कोरोना महामारी के कारण देशभर में सीबीएसई के कई स्कूलों में आंतरिक मूल्यांकन व प्रैक्टिकल की कुछ परीक्षाएं आयोजित नहीं हो सकी थीं। स्कूल आधारित आंतरिक मूल्यांकन व प्रैक्टिकल के दौरान स्कूलों को बच्चों की सुरक्षा के मद्देनजर कोविड-19 सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करना होगा।
सीबीएसई परीक्षा नियंत्रक संयम भारद्वाज के अनुसार यह देखा गया है कि कुछ स्कूल कोरोना महामारी के कारण विभिन्न विषयों में स्कूल आधारित मूल्यांकन पूरा नहीं कर पाए हैं। ऐसे में लंबित आंतरिक मूल्यांकन व प्रैक्टिकल परीक्षाओं को अब ऑनलाइन मोड में आयोजित करने की मंजूरी दी गई है। बारहवीं में बतौर प्राइवेट छात्र बैठने वाले छात्रों के लिए आंतरिक मूल्यांकन, प्रैक्टिकल, प्रोजेक्ट के लिए पॉलिसी जल्द ही जारी की जाएगी।
इससे पहले 11 जून तक अंक अपलोड करने थे
बोर्ड की ओर से फरवरी में आंतरिक मूल्यांकन व प्रैक्टिकल, प्रोजेक्ट के अंक जमा अपलोड करने के लिए 11 जून तक का समय दिया गया था। लेकिन कोरोना संक्रमण तेजी से बढ़ने और फिर राज्यों में हुए लॉकडाउन के कारण स्कूल यह मूल्यांकन आयोजित नहीं कर पाए थे। कुछ स्कूलों में तो प्रैक्टिकल की सभी परीक्षाएं शेष थीं, जबकि कुछ में एक से दो विषयों की परीक्षाएं ही हो सकी थीं।
सीबीएसई नियमों के आधार पर ही करना होगा असेसमेंट
सीबीएसई की ओर से स्पष्ट कर दिया गया है कि स्कूलों को सीबीएसई के नियमों के आधार पर ही असेसमेंट करना होगा। जिन विषयों के लिए बाहरी परीक्षक नियुक्त नहीं होंगे उनके लिए स्कूल शिक्षक ही आंतरिक मूल्यांकन कर सकते हैं। वहीं प्रैक्टिकल परीक्षा व प्रोजेक्ट के लिए जहां सीबीएसई द्वारा बाहरी परीक्षक नियुक्त होंगे, वहां वह परीक्षा की तारीख आंतरिक परीक्षक के साथ विचार करके तय करेंगे।
प्रत्येक छात्र की ऑन स्क्रीन फोटो रखनी होगी
प्रैक्टिकल के लिए होने वाला वायवा भी ऑनलाइन मोड में ही होगा। इस दौरान आंतरिक परीक्षक को प्रत्येक छात्र की ऑन स्क्रीन फोटो लेकर रखनी होगी। यह फोटो ऐसी होगी जिसमें छात्र, बाहरी परीक्षक, आंतरिक परीक्षक सभी का दिखना जरूरी है। वायवा की रिकॉर्डिंग रखना भी जरूरी है। उल्लेखनीय है कि कोरोना महामारी के कारण बारहवीं की परीक्षाएं रद की जा चुकी हैं। रिजल्ट तैयार करने में बोर्ड ऑब्जेक्टिव क्राइटेरिया का प्रयोग करेगा। रिजल्ट तैयार करने की पॉलिसी बनाने के लिए बोर्ड एक कमेटी भी गठित कर चुका है। बोर्ड पहले ही कह चुका है कि पॉलिसी बनाने में 10-15 दिन का समय लगेगा। इससे पहले बोर्ड स्कूलों से आंतरिक मूल्यांकन व प्रैक्टिकल के अंक प्राप्त कर रहा है।