नई दिल्ली। अदालत ने अगस्ता वेस्टलैंड घोटाला मामले में क्रिश्चियन मिशेल की जमानत अर्जी पर केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। राउज एवेन्यू अदालत में सीबीआई के विशेष न्यायाधीश अरविंद कुमार ने दोनों को स्पष्ट करने का निर्देश दिया है कि क्यों न जमानत स्वीकार कर ली जाए। अदालत ने सुनवाई की अगली तारीख 6 मई तय की है।
याची ने कहा कि उसकी नजरबंदी और हिरासत गैरकानूनी है और वह पहले ही इसी तरह के आरोपों में इटली की अदालतों से बरी हो चुका है। याची के अधिवक्ता ने कहा कि उनके मुवक्किल से दोनों जांच एजेंसियों ने करीब 600 घंटे पूछताछ की है। उसने इस मामले में दुबई जेल में 2 वर्ष और 4 महीने से अधिक समय बिताया है। मिशेल के खिलाफ आरोप पत्र 2017 में दाखिल किया गया था जिसके बाद उसे दुबई से प्रत्यर्पित किए जाने के बाद दिसंबर 2018 में गिरफ्तार किया गया था। वीवीआईपी हेलिकॉप्टर घोटाले में हुए अवैध लेन-देन के लिए मिशेल को कथित तौर पर बिचौलिया करार दिया गया है। सीबीआई ने आरोप लगाया है कि 556.262 मिलियन यूरो के वीवीआईपी हेलिकॉप्टरों की आपूर्ति के लिए 8 फरवरी, 2010 को हस्ताक्षरित सौदे में सरकारी खजाने को 398.21 मिलियन यूरो (लगभग 2666 करोड़ रुपये) का अनुमानित नुकसान हुआ था। इसके बाद प्रवर्तन निदेशालय ने जून 2016 में मिशेल के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया था। आरोप है कि अगस्ता वेस्टलैंड घोटाले में उसे 30 करोड़ यूरो (करीब 225 करोड़ रुपये) मिले थे।