जम्मू-कश्मीर से लेकर केरल तक के सभी राज्यों का दिल्ली में सदन व भवन है। लेकिन दिल्ली का अपना भवन नहीं है। करीब सभी केंद्र शासित प्रदेश का भी भवन है, लेकिन देश की राजधानी दिल्ली का अपना कोई सदन नहीं है। इसी कमी को दूर करने के लिए दिल्ली सरकार ने दिल्ली भवन बनाने का निर्णय लिया है। इसके लिए निविदा भी जारी कर दी गई है। हालांकि इसे लेकर राजनीति भी तेज हो गई है। प्रदेश भाजपा ने दिल्ली के उपराज्यपाल को पत्र लिखकर इसपर आपत्ति दर्ज कराई है।
आम आदमी पार्टी की दिल्ली सरकार ने दिल्ली भवन बनाने का निर्णय लिया है। इसका निर्माण द्वारका सेक्टर 19 में किया जाएगा। यहां दिल्ली सरकार के गणमाण्य अधिकारियों के लिए रुकने की व्यवस्था होगी। दिल्ली सरकार के पर्यटन विभाग ने सदन निर्माण को लेकर सलाहकार नियुक्त करने के लिए निविदा जारी की है।
दिल्ली सरकार ब्रांड दिल्ली की संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए इस भवन का प्रयोग करेगी। इसे करीब 3,899 वर्गमीटर में तैयार किया जाएगा। पर्यटन विभाग के मुताबिक इस भवन के डिजाइन में हेरिटेज का लुक दिया जाएगा। दिल्ली पर्यटन विभाग ने थ्री स्टार होटलों का अनुभव रखने वाले सलाहकार नियुक्त करेगा।
दिल्ली सदन की खूबसूरती के लिए वास्तुकला और इंजीनियरिंग का समावेश किया जाएगा। योजना और डिजाइन के लिए सेवाओं को शामिल करने की प्रक्रिया भी पर्यटन विभाग कर रहा है। बेहतर वास्तुकला नमूने के आधार पर दिल्ली भवन में मीटिंग रूम, लॉबी, संगोष्ठी हॉल, ऑडिटोरियम, विशिष्ट अतिथियों के लिए डाइनिंग एरिया, हॉल, किचन एरिया, वाहनों के लिए भूमित पार्किंग जो भवन के नीचे दो तल पर बनाने का डिजाइन तैयार किया गया है।
आलीशान भवन को दिल्ली सरकार के राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय मेहमानों के ठहराने के लिए गेस्ट हाउस में भी प्रयोग किया जाएगा। निर्माण में राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय मानकों को ध्यान में रखा जाएगा। ग्रीन बिल्डिंग बनाने पर भी फोकस किया जाएगा।