नई दिल्ली। लोधी कालोनी थाना पुलिस ने एक फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया है, जहां से क्रेडिट कार्डधारकों को ईनाम और लाखों के उपहार देने का झांसा देकर ठगी की जाती थी। देशभर के करीब 250 से अधिक लोगों के साथ ठगी कर चुके तीन आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। सीबीआई में तैनात एक कांस्टेबल की शिकायत पर पुलिस को यह सफलता मिली है।
दक्षिणी जिले के पुलिस उपायुक्त अतुल कुमार ठाकुर ने बताया कि आरोपियों की पहचान पांडव नगर निवासी आशीष गुप्ता, अभिषेक और मनीष के रूप में हुई है। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे क्रेडिट कार्ड के ईनामी प्वाइंट्स के बदले महंगे उपहार का लालच देकर ठगी करते थे। अभिषेक दिल्ली सिविल डिफेंस वॉलंटियर भी है। आरोपियों से छह लाख रुपये, पांच मोबाइल, दो कार्डलेस टेलीफोन सेट, चार लैपटॉप, 12 फर्जी सिमकार्ड, छह एटीएम कार्ड, आठ फर्जी बैंक अकाउंट के कागजात बरामद किए गए हैं। आरोपी अब तक 250 से ज्यादा लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी कर चुके हैं। पुलिस अब आरोपियों को क्रेडिट कार्डधारकों का डेटाबेस उपलब्ध कराने वाले हरिओम, रमन व गुरुचरण की तलाश कर रही है।
पेटीएम नंबर से पकड़े गए
पुलिस के मुताबिक, सीबीआई में प्रतिनियुक्ति पर तैनात सीआईएसएफ के कांस्टेबल ने शिकायत दर्ज कराई थी कि जनवरी में आरोपियों उन्हें फोन करके कहा था कि उनके ईनाम के बदले उन्हें महंगा उपहार भेजा जाएगा। इसके एवज में उनसे नौ हजार रुपये पेटीएम खाते में मंगा लिए। इसके बाद आरोपियों ने पीड़ित का नंबर ब्लॉक कर दिया। पुलिस जांच करते हुए पांडव नगर पहुंची तो पेटीएम खाता फर्जी निकला। हालांकि, यह जरूर पता चला कि मनीष गुप्ता नाम का युवक इस तरह के फर्जी खाते रखता है। पुलिस ने मनीष को गिरफ्तार कर पूछताछ की तो उसने अपना जुर्म कुबूल कर लिया। उसकी निशानदेही पर आशीष व अभिषेक को भी दबोच लिया गया।
किराए के ले रखे थे अकाउंट
मुख्य आरोपी मनीष पहले एक कॉल सेंटर में काम करता था। वहीं से उसने जालसाजी की योजना तैयार की। साल 2017 में वह वेबसाइट डिजाइनिंग का काम करने वाले हरिओम, रमन व गुरुचरण के संपर्क में आया। ये लोग बैंकों व क्रेडिट कार्ड कंपनियों के लिए वेबसाइट व मोबाइल एप डिजाइन करते थे। इसलिए इनके पास विभिन्न कंपनियों के लाखों क्रेडिट कार्डधारकों का डेटा था। मनीष ने उनसे यह डेटा खरीद लिया। इसके बाद पांडव नगर में ही एक किराए के घर में मनीष, आशीष व अभिषेक ने कॉल सेंटर खोल लिया और उसमें दर्जन भर लड़कियों को नौकरी पर रख लिया। लड़कियां लोगों को कॉल करके उन्हें क्रेडिट कार्ड के ईनाम के बदले लाखों का गिफ्ट व सीधे अकाउंट में कैश भेजने का लालच देती थीं। कोई व्यक्ति रुचि दिखाता था तो उससे 10-15 हजार रुपये पेटीएम के जरिये मंगा लेते थे और उसके बाद वह नंबर बंद करके पीड़ित को ब्लॉक कर देती थीं। इन लोगों ने पेटीएम अकाउंट कमीशन पर ले रखा था। जिनके अकाउंट में पैसे आते थे उन्हें 20 प्रतिशत कमीशन दिया जाता था। अभिषेक आईसीआईसीआई क्रेडिट कार्ड में काम कर चुका था, इसलिए उसे ईनाम आदि का तरीका पता था।