कानूनी दांव-पेच में हारीं बिजली कंपनियां, पहली बार सामने आएगा पूरा बही खाता
38,000 करोड़ के रेगुलेटरी एसेट्स का खुलेगा कच्चा चिट्ठा, कैग ऑडिट का आदेश जारी
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
दिल्ली सरकार ने राजधानी की तीनों निजी बिजली वितरण कंपनियों बीआरपीएल, बीवाईपीएल और टीपीडीडीएल के खातों का कैग ऑडिट कराने का आदेश जारी कर दिया है। यह कदम न केवल दिल्ली के बिजली क्षेत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करेगा, बल्कि अब बिजली कंपनियां अपने गलत खर्चों का विवरण सरकार और जनता से छिपा नहीं पाएंगी।
इस ऑडिट से यह साफ हो जाएगा कि क्या कंपनियां जानबूझकर अपने घाटे को बढ़ाकर दिखा रही थीं, जिसका सीधा बोझ अब तक दिल्ली की जनता बिजली के बिलों के रूप में उठा रही थी। बिजली कंपनियों ने खुद को भारत के नियंत्रक और महालेखा परीक्षक (कैग) के ऑडिट से बचाने के लिए कानूनी गलियारों का पूरा सहारा लिया लेकिन अंततः उन्हें हार का सामना करना पड़ा। सुप्रीम कोर्ट ने 6 अगस्त 2025 के अपने फैसले में इन कंपनियों के खातों के गहन ऑडिट का निर्देश दिया था। इसके बाद कंपनियों ने दिल्ली हाईकोर्ट में भी याचिका (रिट पेटीशन संख्या 8283/2026) दायर कर ऑडिट की प्रक्रिया को चुनौती दी, जिसे अदालत ने 22 जून 2026 को खारिज कर दिया। सरकार ने कंपनियों को अपना पक्ष रखने का पूरा मौका दिया लेकिन उप-राज्यपाल ने स्पष्ट किया कि कंपनियों के पास ऑडिट का विरोध करने का कोई ठोस आधार नहीं है।
इस ऑडिट का सबसे बड़ा केंद्र बिंदु 38,000 करोड़ रुपये के करीब पहुंच चुके रेगुलेटरी एसेट्स हैं। दिल्ली के ऊर्जा मंत्री आशीष सूद के मुताबिक, जनता को यह जानने का पूरा हक है कि ये एसेट्स लगातार कैसे बढ़ते गए और इसका असली फायदा किसे मिला। रेगुलेटरी एसेट्स वह राशि होती है, जो बिजली कंपनियां सरकार से वसूलना चाहती हैं, यह दावा करते हुए कि उनके खर्च उनकी कमाई से ज्यादा हैं। कैग ऑडिट अब इन खर्चों की सत्यता की जांच करेगा, जिससे यह सुनिश्चित होगा कि कोई भी अनर्गल खर्चा उपभोक्ताओं के बिल में न जोड़ा जाए।
पहली बार होगा खातों का वास्तविक ऑडिट
दिल्ली में निजीकरण के बाद यह पहली बार है, जब बिजली कंपनियों के खातों का इतना सख्त और गहन ऑडिट होने जा रहा है। अब तक बिजली कंपनियां अपनी वित्तीय व्यवस्थाओं और निर्णयों को सार्वजनिक जांच से दूर रखने में सफल रही थीं। सरकार का मानना है कि पिछली सरकार ने व्यवस्था की जांच करने के बजाय उसे संरक्षण देने का काम किया लेकिन अब सुशासन की दिशा में यह कदम उठाया गया है। यह ऑडिट अगले तीन महीनों के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
आम जनता को कैसे होगा सीधा फायदा
जब कैग इन कंपनियों के खातों की जांच करेगा, तो कंपनियों द्वारा दिखाए गए फिजूलखर्च और गलत दावे पकड़े जा सकेंगे। वर्तमान में बिजली कंपनियां अक्सर रखरखाव या घाटे के नाम पर टैरिफ बढ़ाने की मांग करती हैं। यदि ऑडिट में यह साबित हो गया कि कंपनियां अपनी वित्तीय स्थिति को बढ़ा-चढ़ाकर दिखा रही थीं, तो भविष्य में बिजली दरों में कमी आने या कम से कम अनावश्यक बढ़ोतरी रुकने की पूरी संभावना है। अब डिस्कॉम्स पर सरकार का कड़ा नियंत्रण रहेगा और जनता के धन का एक-एक रुपया सुरक्षित रहेगा।
दिल्ली में बिजली वितरण को समझें
बीआरपीएल (बीएसईएस राजधानी पावर लिमिटेड), बीवाईपीएल (बीएसईएस यमुना पावर लिमिटेड) और टीपीडीडीएल (टाटा पावर दिल्ली डिस्ट्रीब्यूशन लिमिटेड) दिल्ली की तीन प्रमुख बिजली वितरण कंपनियां हैं। 2002 में दिल्ली विद्युत बोर्ड के विभाजन के बाद इन निजी कंपनियों को 51% स्वामित्व के साथ दिल्ली के विभिन्न क्षेत्रों में बिजली वितरण का जिम्मा सौंपा गया था। 49% हिस्सेदारी दिल्ली सरकार के पास है।
10 पॉइंट्स में समझें पूरी कहानी
दिल्ली सरकार ने बीआरपीएल, बीवाईपीएल और टीपीडीडीएल के खातों के कैग ऑडिट का औपचारिक आदेश जारी कर दिया है।
ऊर्जा मंत्री ने इसे दिल्ली के ईमानदार करदाताओं और बिजली उपभोक्ताओं की बड़ी जीत बताया है।
यह कार्रवाई अगस्त 2025 में आए सुप्रीम कोर्ट के उस फैसले के अनुपालन में की गई है, जिसमें सख्त ऑडिट की बात कही गई थी।
ऑडिट रोकने के लिए बिजली कंपनियां दिल्ली हाईकोर्ट तक गईं लेकिन वहां भी उनकी याचिका खारिज हो गई।
ऑडिट मुख्य रूप से उन परिस्थितियों की जांच करेगा, जिनके कारण 38,000 करोड़ रुपये के रेगुलेटरी एसेट्स जमा हो गए।
निजीकरण के बाद पहली बार इन कंपनियों के खातों की इतनी गहन सार्वजनिक जांच (कैग द्वारा) होने जा रही है।
3 महीने की समयसीमा: कैग को यह ऑडिट कार्य आदेश जारी होने के तीन महीने के भीतर पूरा करने को कहा गया है।
कंपनियां अब अपने निजी हितों या गलत निर्णयों का बोझ जनता के कंधों पर नहीं डाल पाएंगी।
इस ऑडिट के बाद दिल्ली के बिजली क्षेत्र में प्रभावी नियमन और मजबूत जवाबदेही लागू की जाएगी।
ऑडिट की सफलता का सीधा परिणाम बिजली के बिलों में स्थिरता और पारदर्शिता के रूप में सामने आएगा।