जामा मस्जिद के बाहर प्रदर्शन करते लोग
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नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में दिल्ली में हुई हिंसा के मामले में एसआईटी ने पांच बांग्लादेशियों को रविवार को हिरासत में ले लिया। दूसरी तरफ सीमापुरी व न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी (एनएफसी) में हुई हिंसा में बांग्लादेशियों का हाथ है।
अपराध शाखा की एसआईटी की जांच में ये बात पुख्ता रूप से सामने आई है। एसआईटी ने हिंसा के आरोपियों की कई जगहों से मिली वीडियो के आधार पर फोटो बुकलेट (एल्बम) बना ली है। बुकलेट के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है।
नागरिकता संशोधन कानून व एनआरसी के विरोध में दिल्ली में हुई हिंसा में दस एफआईआर दर्ज हुई हैं। इनमें 65 आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं। इन आरोपियों को संबंधित स्थानीय थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया। इसके बाद मामले की जांच के लिए एसआईटी बनाई गई।
डीसीपी राजेश देव इस एसआईटी के प्रमुख हैं। अपराध शाखा के एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि हिंसा में शामिल बांग्लादेशियों की पहचान करना शुरू कर दिया गया है। सीमापुरी हिंसा में 15 से ज्यादा व एनएफसी में 10 से ज्यादा बांग्लादेशी आरोपी बताए जा रहे हैं।
रविवार को एसआईटी ने सीमापुरी हिंसा में शामिल बांग्लादेशियों के पहचान के लिए स्थानीय थाना पुलिस को एसआईटी के कोतवाली स्थित कार्यालय बुलाया था। पुलिस सूत्रों का कहना है कि कुछ बांग्लादेशियों की पहचान हो गई है। इसके बाद पांच बांग्लादेशियों को हिरासत में ले लिया।
अपराध शाखा के एक अधिकारी ने बताया कि बांग्लादेशियों की पहचान के लिए कुछ बांग्लादेशियों की ही सहायता ली जा रही है। बांग्लादेशियों की वीडियो व फुटेज के आधार पर भी पहचान की जा रही है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, पहचान होने के बाद आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा। उन्हें नोटिस नहीं भेजा जाएगा।