2023 में 8,059 ऑन द स्पॉट चालान हुए थे, जुलाई 2025 तक यह संख्या 24,462 तक पहुंची
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। राजधानी की सड़कों पर सार्वजनिक बसें यातायात के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन गई हैं। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के आंकड़े बताते हैं कि बस चालकों द्वारा किए गए ट्रैफिक नियम उल्लंघन दो साल में तीन गुना बढ़ गए हैं।
डीटीसी और क्लस्टर बसों से लेकर प्राइवेट कंपनियों की बसें लगातार ओवरस्पीडिंग, गलत पार्किंग, बिना इंडिकेटर लेन बदलने और स्टॉप लाइन पार करने जैसे उल्लंघनों में पकड़ी जा रही हैं। 2023 में 8,059 ऑन-द-स्पॉट चालान दर्ज हुए थे, जबकि जुलाई 2025 तक यह संख्या 24,462 तक पहुंच चुकी है। यानी, हर दिन औसतन सौ से ज्यादा बसें ट्रैफिक नियम तोड़ रही हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यह आंकड़ा न केवल सड़क अनुशासन की पोल खोलता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि बस चालकों पर निगरानी और ट्रेनिंग व्यवस्था कितनी कमजोर है। परिवहन विशेषज्ञों ने सुझाव दिया है कि सभी बस चालकों के लिए मासिक ड्राइविंग मूल्यांकन और मनोवैज्ञानिक फिटनेस टेस्ट अनिवार्य किए जाएं। साथ ही बसों में ऑटोमैटिक स्पीड लिमिट और जीपीएस मॉनिटरिंग सिस्टम को अनिवार्य किया जाए।
ओवरस्पीडिंग के अधिक मामले
कैमरा या एप-आधारित चालानों में ओवरस्पीडिंग के सबसे ज्यादा मामले हैं। 2023 में 7,771 से बढ़कर 2024 में 8,278 हो गए, फिर 50 फीसदी से बढ़कर 2025 में 11,676 हो गए। वहीं गलत पार्किंग के लिए 10,549 चालान किए गए, जबकि रेड लाइट जंपिंग और स्टॉप लाइन उल्लंघन में कमी आई है।
ऑन द स्पॉट चालान
वर्षचालान संख्या
20238,059
202414,989
202524,462
नोट : वर्ष 2025 के आंकड़े जुलाई तक के हैं।