नई दिल्ली। कोरोना महामारी के कारण दस महीने से बंद स्कूल अब 10वीं व 12वीं कक्षा के छात्रों की बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी और प्रैक्टिकल के लिए खुल चुके हैं। सरकारी स्कूलों में इसको लेकर काफी तैयारियां हो रही हैै। अब शिक्षा निदेशालय ने प्री-बोर्ड परीक्षाओं और प्रैक्टिकल के लिए प्रति छात्र के हिसाब से बजट तय किया है। यह बजट स्कूलों में कोरोना महामारी के प्रोटोकोल व अन्य व्यवस्थाओं के लिए निर्धारित किया गया है।
सरकारी स्कूलों में 10वीं व 12वीं के बच्चों के हिसाब से प्रति छात्र 125 रुपये स्कूल को देने की व्यवस्था की गई है। सरकार की ओर से यह कदम पहली बार उठाया गया है। अब तक हर कक्षा की फाइनल परीक्षाओं के समय इस तरह का बजट स्कूल को आवंटित किया जाता था, लेकिन इस बार प्री-बोर्ड व प्रैक्टिकल के लिए ही यह बजट आवंटित किया गया है।
दिल्ली सरकारी स्कूल शिक्षक संघ के महासचिव प्रशांत प्रियदर्शी ने प्री-बोर्ड के लिए आवंटित बजट को दिल्ली सरकार का एक अच्छा कदम बताया। उन्होंने कहा कि ऐसा पहली बार है जब प्री-बोर्ड परीक्षाओं के लिए यह पैसा आवंटित किया गया है। यह पैसा बच्चों पर ही परीक्षा से संबंधित व्यवस्थाओं के लिए खर्च किया जाएगा।
राजकीय विद्यालय शिक्षक संघ (जिला पश्चिम) के जिला सचिव संतराम ने कहा कि इस बजट से स्कूल प्री-बोर्ड, प्रैक्टिकल और बच्चों के लिए वर्कशॉप की व्यवस्था करेंगे। हालांकि उन्होंने इस बात की चिंता जताई कि कहीं कुछ स्कूल इन पैसों का इस्तेमाल स्कूल व्यवस्था, प्रबंधन और आगंतुकों के रिफ्रेशमेंट में न कर दें। बच्चों के लिए आवंटित पैसा उन्हीं पर खर्च किया जाना चाहिए।