नांगलोई से किशोरी को अगवा कर दुष्कर्म करने के मामले में फरार चल रहे भाई- बहन को दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने 15 साल बाद गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान बायकलां, छर्रा, अलीगढ़ निवासी जोगिंदर सिंह और बहन कमलजीत सिंह उर्फ कमलेश के रूप में हुई है। वर्ष 2009 में दिल्ली की अदालत ने दोनों को भगोड़ा घोषित कर दिया था। तभी से आरोपी दिल्ली, लोनी, पलवल, गाजियाबाद व दूसरे स्थानों पर छिपकर रह रहे थे। नांगलोई पुलिस को दोनों की गिरफ्तारी की सूचना दे दी गई है।
अपराध शाखा के पुलिस उपायुक्त दीपक यादव ने बताया कि 19 अप्रैल 2006 को नांगलोई निवासी एक शख्स ने 13 साल की बेटी के अगवा के होने की शिकायत पुलिस से की थी। पीड़ित ने पड़ोस में ही रहने वाले जोगिंदर और उसकी बहन कमलेश पर शक जाहिर किया था। पुलिस ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरू की। जांच के दौरान दोनों बहन-भाई फरार मिले। पुलिस ने दोनों की तलाश शुरू की।
इस बीच चार दिन बाद किशोरी आनंद विहार बस अड्डे के पास से बरामद हो गई। मेडिकल करवाने पर जबरन दुष्कर्म का पता चला। पुलिस को पता चला कि आरोपी जोगिंदर किशोरी को नौकरी दिलवाने के बहाने अपने गांव अलीगढ़ ले गया। वहां जबरन शादी का दबाव बनाकर कई बार दुष्कर्म किया। पुलिस का दबाव बढ़ा तो आरोपी किशोरी को आनंद विहार बस अड्डे के पास छोड़कर भाग गया। पुलिस ने उसे बरामद कर लिया।
किशोरी से शादी करना चाहता था
स्थानीय पुलिस के अलावा अपराध शाखा भी आरोपियों की तलाश करती रही। पुलिस की टीम आरोपी के गांव अलीगढ़ पहुंची। वहां पहुंचने पर पता चला कि आरोपी जोगिंदर के माता-पिता की मौत हो चुकी है। उसका बड़ा भाई भी शादी के बाद ससुराल में रहता है। जोगिंदर कभी-कभार किसी कार्यक्रम में शामिल होने गांव आता है। पड़ताल के बाद पुलिस ने 16 मार्च को जोगिंदर को उसके गांव से दबोच लिया।
आरोपी ने बताया कि वह दिल्ली में ही रहकर राज-मिस्त्री का काम कर रहा है। पुलिस ने 21 मार्च को उसकी बहन कमलेश को कड़कड़डूमा मेट्रो स्टेशन के पास से दबोच लिया। दोनों ने बताया कि जोगिंदर किशोरी से शादी करना चाहता था इसलिए उसने उसे अगवा किया था। कमलेश ने उसकी मदद की थी। लेकिन पुलिस का दबाव बढ़ने पर आरोपी किशोरी को वहीं छोड़कर भाग गया था।