नई दिल्ली। सस्ती तकनीक और आम आदमी को दिक्कतों को तकनीक से दूर करने पर आधारित राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय हैकाथॉन के बाद अब राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करने पर आधारित मंथन हैकाथॉन आयोजित होगी। अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) और पुलिस अनुसंधान एवं विकास ब्यूरो (बीपीआरएंडडी) मिलकर इसका आयोजन करेंगे। विजेता टीमों के लिए 40 लाख रुपये की कुल पुरस्कार राशि की घोषणा की गई है।
एआईसीटीई के अध्यक्ष प्रो. अनिल डी सहस्रबुद्धे और बीपीआरएंडडी के अपर महानिदेशक नीरज सिन्हा ने बृहस्पतिवार को मंथन-2021 का शुभारंभ किया। प्रो. सहस्रबुद्धे ने कहा कि पिछले पांच वर्षों के दौरान हमने विभिन्न एजेंसियों के साथ सहयोग करते हुए कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय हैकाथॉन आयोजित किए हैं। क्योंकि हम छात्रों को काम करने के लिए वास्तविक जीवन की चुनौतियों या समस्याओं का प्रस्ताव करने के इच्छुक हैं।
हम चाहते हैं कि वे उन समस्याओं का समाधान करें, जो हमारे देश के लिए महत्वपूर्ण हैं। इस परिपेक्ष्य में हमारा विश्वास है कि यह मंथन हैकाथॉन बहुत महत्वपूर्ण है। क्योंकि इसका हमारी राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करने में सीधा संबंध है। उम्मीद है कि युवा बड़ी संख्या में इस पहल में शामिल होंगे और हमारे देश की श्रेष्ठ बुद्धि तथा विचारों की पहचान करने में बीपीआरएंडडी की मदद करेंगे।
बीपीआरएंडी ने जारी किए चुनौती विवरण
पुलिस अनुसंधान एवं विकास ब्यूरो के अपर महानिदेशक नीरज सिन्हा ने 20 चुनौती विवरण जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं को लीक से हटकर सोचने और सुरक्षा एजेंसियों के सामने आने वाली समस्याओं को हल करने के लिए नई अवधारणाओं को विकसित करने का अनोखा मौका होगा। इसमें से कुछ तकनीक पसंद आती है तो फिर हम उन टीमों के साथ मिलकर काम करेंगे।
दो चरणों में होगा आयोजन
मंथन-2021 के दो चरण होंगे। पहले चरण में प्रतिभागियों को पोर्टल पर उन समस्या विवरणों के बारे में अपनी अवधारणाएं प्रस्तुत करनी होंगी, जिन्हें वे पोर्टल पर हल करना चाहते हैं। प्रस्तुत किए गए इन विचारों का क्षेत्र के विशेषज्ञों के समूह द्वारा मूल्यांकन किया जाएगा। इसके बाद 28 नवंबर से निर्धारित ग्रैंड फिनाले या दूसरे दौर के लिए केवल नवाचारी विचारों का ही चयन किया जाएगा। ग्रैंड फिनाले के दौरान चुने गए प्रतिभागियों से उनकी अवधारणाओं के प्रदर्शन के लिए समाधान बताने की उम्मीद की जाएगी। उनसे जूरी के सामने यह सिद्ध करने की भी उम्मीद होगी कि उनके विचार तकनीकी रूप से व्यवहार्य हैं और अधिक महत्वपूर्ण रूप से लागू करने योग्य हैं। सर्वश्रेष्ठ विचारों को विजेता घोषित किया जाएगा।
अन्य हैकाथॉन से होगा अलग
हैकथॉन मंथन-2021 खुफिया एजेंसियों के सामने 21वीं सदी की सुरक्षा चुनौतियों का समाधान करने के लिए नवीन अवधारणाओं और प्रौद्योगिकी समाधानों की पहचान करने की एक अनोखी राष्ट्रीय पहल है। 28 नवंबर से से एक दिसंबर तक निर्धारित 36 घंटे के इस ऑनलाइन हैकाथॉन के दौरान देश के शिक्षा संस्थानों और पंजीकृत स्टार्टअप के चयनित युवा अपनी तकनीकी विशेषज्ञता और नवीन कौशल का उपयोग करते हुए मजबूत, सुरक्षित और प्रभावी प्रौद्योगिकी समाधान प्रदान करने के लिए इसमें भाग लेंगे।