प्रियंका गांधी को कांग्रेस ने आज पार्टी का महासचिव नियुक्त कर दिया। उन्हें पूर्वी उत्तर प्रदेश का प्रभारी भी बना दिया गया जहां वे पार्टी को मजबूत करने का काम करेंगी। प्रियंका के आने के साथ ही इस बात का आकलन होने लगा कि इससे भाजपा को कितना फायदा या नुकसान होगा। इस पर टिप्पणी करते हुए भाजपा प्रवक्ता बिजय सोनकर शास्त्री ने कहा कि प्रियंका गांधी में अब उतना आकर्षण नहीं बचा है। आज के युवा के आकर्षण का केंद्र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हैं और वह उन्हीं को पसंद करता है। इन युवाओं ने ही पिछले चुनाव में भाजपा को ऐतिहासिक जीत दिलाई थी और इस बार भी वे ही नरेंद्र मोदी को दोबारा पीएम बनाएंगे।
पूर्व में वाराणसी से सांसद रह चुके भाजपा नेता बिजय सोनकर शास्त्री ने कहा कि प्रियंका गांधी के आने से अगर किसी को चिंता करनी चाहिए तो वह सपा-बसपा के गठबंधन को चिंता करनी चाहिए। क्योंकि कांग्रेस के आने से केवल उसी का वोट बैंक प्रभावित होता है। उन्होंने कहा कि अगर कांग्रेस उत्तरप्रदेश में अकेले भी चुनाव लड़ती है तो भी इसका सीधा फायदा भाजपा को मिलेगा।
उत्तर प्रदेश क्यों है अहम
पिछले लोकसभा चुनाव में उत्तरप्रदेश से भाजपा ने अपने सहयोगियों के साथ कुल 80 में से 73 सीटों पर ऐतिहासिक जीत हासिल की थी। माना जाता है कि इसी क्षेत्र ने मोदी को पीएम बनाने में सबसे अहम भूमिका निभाई थी। लेकिन सपा-बसपा का गठबंधन बनने से भाजपा उत्तरप्रदेश में कमजोर होगी, ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है। कांग्रेस के मजबूत होने से भी यूपी के समीकरण में भारी बदलाव होगा।