दिल्ली-एनसीआर से हो रहे मजदूरों के पलायन पर सियासत भी गरमाई हुई है। भाजपा और कांग्रेस ने दिल्ली की आप सरकार को जिम्मेदार बताते हुए निशाना साधा है तो उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने अफसोस जताया है।
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मनोज तिवारी ने कहा कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली में रहने वाले प्रवासी मजदूरों को डीटीसी की बसों में भरकर अपनी सीमा पर इकट्ठा करा दिया है। यहां से इन्हें आगे तक पहुंचाना आगे की सरकारों की मजबूरी थी।
प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष चौधरी अनिल कुमार ने कहा कि केजरीवाल सरकार समय रहते गरीब मजदूरों के खाने का इंतजाम कर देती तो लॉकडाउन में इन्हें दिल्ली से पलायन नहीं करना पड़ता।
उन्होंने एमसीडी ने सी, डी, ई और एफ श्रेणी की कॉलोनियों में संपत्ति कर, दिल्ली सरकार से बिजली, पानी और स्कूली बच्चों का फीस माफ करने की मांग की। उन्होंने मिड-डे-मील पकाने वाले किचन से खाना बनवाकर जरूरतमंदों में वितरित कराने की भी मांग की।
उधर, उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने अफसोस जाहिर करते हुए लिखा कि कोरोना महामारी के बीच भाजपा नेता टुच्ची राजनीति पर उतर आए हैं। सब भारतवासियों को मिलकर कोरोना को रोकना है। प्रधानमंत्री ने जिस मकसद से देशभर में लॉकडाउन किया है, उसे सबको सफल बनाना है। सिर्फ दिल्ली ही नहीं, देशभर के शहरों से कामगारों का विस्थापन रोकना है।