केंद्र सरकार की ‘एक्ट ईस्ट पॉलिसी’ और ‘नेबरहुड फर्स्ट’ नीति के अन्तर्गत दिल्ली विश्वविद्यालय में बांग्लाबंधु चेयर की स्थापना की जा रही है। इस चेयर के अंतर्गत दिल्ली विश्वविद्यालय की जरूरतों के अनुसार बांग्लादेश के विद्वान प्रोफेसर विभिन्न विषयों पर छात्रों को पढ़ाएंगे और उन्हें बांग्लादेशी संस्कृति के बारे में बताएंगे।
आईसीसीआर और दिल्ली यूनिवर्सिटी के मध्य इस विषय पर सोमवार को एक मेमोरैंडम पर हस्ताक्षर किया जाएगा जिसमें बांग्लादेशी दूतावास के उच्च अधिकारी भी उपस्थित रहेंगे।
आईसीसीआर के एक अधिकारी संजय वेदी ने अमर उजाला को बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बांग्लादेश यात्रा के समय दोनों देशों के बीच शैक्षिक-सांस्कृतिक सहयोग को आगे बढ़ाने की बात हुई थी। यह समझौता उसी दिशा में उठाया गया एक कदम है।
इसके अंतर्गत बांग्लादेश के विद्वान शिक्षक अपने क्षेत्र के बारे में यहां के छात्रों को जानकारी देंगे। भारत से पहले ही अनेक विद्वान शिक्षक बांग्लादेश के विभिन्न विश्वविद्यालयों में समय-समय पर अपना व्याख्यान देते हैं। उम्मीद है कि इससे दोनों देशों के पारस्परिक संबंध और मजबूत होंगे।