दिल्ली में बिजली महंगी होने जा रही है। दिल्ली विद्युत नियामक आयोग (डीईआरसी) ने पीपीएसी (पावर परचेज एग्रीमेंट कॉस्ट) के माध्यम से बिजली शुल्क बढ़ाने को मंजूरी दे दी। जिसके बाद दिल्ली मंत्री आतिशी ने केंद्र की मोदी सरकार को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया है। साथ ही कहा कि जिन लोगों के बिजली के बिल जीरो आ रहे हैं, उनके बिल जीरो आते रहेंगे।
बिजली उपभोक्ताओं को देना होगा सरचार्ज
दिल्ली विद्युत नियामक आयोग (डीईआरसी) ने पावर डिस्कॉम, बीवाईपीएल (बीएसईएस यमुना) और बीआरपीएल (बीएसईएस राजधानी) की मांग को स्वीकार करते हुए विद्युत खरीद समायोजन शुल्क (पीपीएसी) को 10 फीसदी तक बढ़ाने का फैसला किया है। इसका सबसे ज्यादा असर बीएसईएस यमुना पावर लिमिटेड के क्षेत्र पर पड़ेगा। इस क्षेत्र के उपभोक्ता को पीपीएसी 22.18 फीसदी की जगह 31.60 फीसदी देनी होगी जो करीब 9.45 फीसदी की बढ़त है।
बिजली दरों के बढ़ने के बाद सियासत भी तेज हो गई है। ऊर्जा मंत्री आतिशी ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की नीतियों की वजह से टैरिफ बढ़ा है। जबकि भाजपा व कांग्रेस का इसका ठीकरा दिल्ली सरकार पर फोड़ा है।
पीपीएसी- बीआरपीएल - बीवाईपीएल - टीपीडीडीएल - एनडीएमसी
मौजूदा- 20.69% - 22.18% - 27.64% - 28.00%
संशोधित - 27.08% - 31.60% - 29.13% - 30.00%