कोरोना संक्रमित होने के बाद भी हौसला डिगा नहीं, आज भी इस महामारी से जूझ रहे लोगों की सेवा करना ही उनका काम है। कोरोना महामारी के बारे में लोगों को जागरूक करने के साथ साथ जरूरत पड़ने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराने की जिम्मेदारी उन्होंने अपने कंधे पर उठा ली है।
हम बात कर रहे हैं दिल्ली पुलिस के एक एएसआई अंबरीश त्यागी की, जिन्होंने कोरोना के चपेट में आए 326 लोगों को अब तक अस्पताल में भर्ती करा चुके हैं। इसमें आम आदमी से लेकर पुलिस के अधिकारी भी शामिल हैं।
प्रसाद नगर में तैनात एएसआई अंबरीश बताते हैं कि पिछले साल कोरोना संकट आने के बाद अचानक सड़कों पर छोटे मोटे काम करने वाले लोगों के आगे खाने पीने की समस्या खड़ी हो गई। यह उनसे देखा नहीं गया। उन्होंने अपने बच्चों और होटलकर्मियों की मदद से उनके लिए पहले खाने का इंतजाम किया और फिर उन्हें बीमारी न हो इसके लिए साबुन और सैनिटाइजर उपलब्ध करवाया। लेकिन कोरोना महामारी की चपेट में काफी लोग आए तो उन्हें अस्पताल में भर्ती भी करवाया।
इसी दौरान पिछले जून माह में वह खुद भी कोरोना संक्रमित हो गए। 11 दिनों तक होम आइसोलेशन में रहने के बाद वह ठीक हो गए। उसके बाद से वह अपने अंदर से कोरोना का खौफ को मिटाकर लोगों की सेवा में लग गए। बीट अफसर होने की वजह से उन्हें इलाके में स्थित बीएल कपूर अस्पताल जाना होता था।
वहां संक्रमित लोगों की भीड़ रहती है। आंशिक रूप से बीमार लोगों को उन्होंने जागरूक करना शुरू किया और उन्हें घर पर ही रहकर इलाज करवाने की सलाह दी। बावजूद गंभीर रूप से बीमार लोगों में कुछ ऐसे भी थे, जिन्हें काफी प्रयास के बावजूद अस्पताल में बेड नहीं मिल पाता था।