कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए दिल्ली में फिर से छह दिनों का लॉकडाउन लग गया है। कोरोना के कहर ने चारों तरफ कोहराम मचा दिया है। संक्रमित मरीजों को इलाज कराने के लिए भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल में बेडों की भारी किल्लत हो गई है।
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट कर कहा कि आज (मंगलवार) से लॉकडाउन शुरू हो चुका है। यह फ़ैसला आपके स्वास्थ्य और सुरक्षा के मद्देनजर लिया गया है। कृपया इसमें सरकार का सहयोग करें और अपने घर पर ही रहें। संक्रमण से बचकर रहें।
वहीं, पूर्व क्रिकेटर और बीजेपी सांसद गौतम गंभीर ने कहा कि वे लॉकडाउन का समर्थन करते हैं और कोरोना संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए कोई दूसरा तरीका भी नहीं है। साथ ही उन्होंने अरविंद केजरीवाल से पूछा कि क्या आपने पिछले साल से कोई तैयारी नहीं की? आप सिर्फ भाषण देते हैं और लोगों के सामने झूठ बोलते हैं। क्या दिल्ली में कोई अस्पताल है, जहां बेड उपलब्ध हैं?
उधऱ, उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि डेढ़ सप्ताह में बेडों की गिनती तीन गुना बढ़ गई है। अगले कुछ दिनों में 2,700 और बेडों की व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने कहा कि ज्यादातर कोरोना मरीज घर में ठीक हो रहे हैं। उन्होंने उन लोगों से आग्रह किया जिन्हें अस्पताल में बेडों की आवश्यकता है, पहले कोरोना ऐप पर जांच करें फिर घर से बाहर निकलें।
लॉकडाउन से डरने लगे प्रवासी
वहीं दूसरी तरफ लॉकडाउन का डर अब फिर से प्रवासियों के मन में सताने लगा है। लॉकडाउन की घोषणा होते ही एक बार फिर गोद में बच्चे और सिर पर सामानों की गठरी लेकर प्रवासी अपने गांव को जाने लगे। बस अड्डों पर लोगों की भीड़ इकट्ठा होने लगी। हालांकि प्रवासियों का जाना तो बीते कई दिनों से जारी है, सोमवार की घोषणा के बाद तेजी आ गई।