मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि एक-एक मंत्री की चार-चार हजार यूनिट बिजली फ्री होती है, उनको चार हजार यूनिट बिजली मिल जाए, तो वह फ्री बिजली नहीं है, दिल्ली के लोगों के 200 यूनिट बिजली फ्री कर दी, तो इसे 'फ्री बिजली' कहा जाता है।
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का दावा है कि सरकार के मंत्रियों को जो सुविधाएं मिलती हैं, उसे वह आम लोगों को भी दिलवाएंगे। मंत्रियों को फ्री इलाज मिलता है, तब विपक्षी पार्टियों को कोई तकलीफ नहीं होती, लेकिन हम जनता को फ्री इलाज दे रहे, तो उनको तकलीफ होती है।
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एक-एक मंत्री की चार-चार हजार यूनिट बिजली फ्री होती है, उनको चार हजार यूनिट बिजली मिल जाए, तो वह फ्री बिजली नहीं है, दिल्ली के लोगों के 200 यूनिट बिजली फ्री कर दी, तो इसे 'फ्री बिजली' कहा जाता है। अरविंद केजरीवाल मंगलवार को सिविल लाइंस स्थित शाह ऑडिटोरियम में आप लीगल सेल की ओर से आयोजित अधिवक्ता सम्मेलन में बोल रहे थे।
अरविंद केजरीवाल के मुताबिक, विरोधी पार्टी वाले कहते हैं, पैसा कहां से आएगा? जो सारे मंत्री और अधिकारी मिलकर पैसा लूटा करते थे, दिल्ली में वह लूट अब बंद हो गई है। वो सारा पैसा जो सरकार का चोरी हो जाता था, वो पैसा आप की सरकार ने जनता में बांटना चालू कर दिया।
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केजरीवाल ने कहा कि जो पैसा स्वीस बैंकों में जाता था, मंत्रियों के दो-दो फ्लैट खरीद हो जाते थे। उसकी जगह हम आपका मेडिकल इंश्योरेंस करा दिया और आपकी बिजली फ्री कर दी। पैसा वहां से आ रहा है, जो यह सारे मंत्री और अधिकारी मिल कर लूटा करते थे। उस पैसे की लूट हम लोगों ने बंद कर दी। केजरीवाल ने बताया कि सरकार में पैसा बहुत है, लेकिन इन लोगों ने जनता को बेवकूफ बना रखा है कि पैसा नहीं है।
अरविंद केजरीवाल ने बताया कि दिल्ली कैबिनेट ने 18 दिसंबर 2018 को सभी वकीलों को लाइफ और मेडिकल इंश्योरेंस की स्कीम पास की थी, तब दुनिया में किसी को पता नहीं था कि कोरोना आएगा। कोरोना के दौरान जान गंवाने वाले 122 वकीलों के परिवारों को लाइफ इंश्योरेंस स्कीम के तहत 12.25 करोड़ रुपए दिए गए।
कोरोना के समय 1220 वकीलों ने मेडिकल इंश्योरेंस स्कीम का फायदा उठाया है, इसके लिए 7.25 करोड़ रुपए जारी किए गए। केजरीवाल ने कहा कि स्कीम शुरू करते वक्त विरोधी कहते हैं कि वकीलों के लिए क्यों कर रहे हो? लेकिन उनको पता नहीं है कि एक आम वकील क्या होता है? एक आम वकील किस तरह से बड़ी मुश्किलों के साथ अपने घर का गुजारा करता है।
2013-14 में शुरू हुई थी आप लीगल सेल
पुराने दिनों की याद करते हुए अरविंद केजरीवाल ने कहा कि 2013-14 में कौशाम्बी के एक छोटे से कमरे में आप लीगल टीम की शुरूआत हुई थी। आज इतना बड़ा परिवार बन गया है। केजरीवाल ने चुटकी ली कि मुख्यमंत्री तो इतने उबाउ होते जा रहे हैं कि उनको आज कोई सुनने नहीं आ रहा है। जबकि यहां इतनी संख्या में लोग आए। इसका सीधा मतलब है कि मुझसे कुछ न कुछ तो कनेक्शन है। जो इतने सारे वकील साथियों को खींच कर लाई है।
वकील समुदाय जिसके साथ रहा है, उसको आज तक कोई नहीं हरा पाया
कार्यक्रम में मौजूद कानून मंत्री कैलाश गहलोत ने कहा कि देश में वकीलों के वेलफेयर के लिए आज तक किसी भी राज्य और केंद्र सरकार वेलफेयर स्कीम लांच नहीं कर पाई। उन्होंने वादे तो जरूरत किए, लेकिन लागू कभी नहीं कर पाए। कोविड के दौरान काफी वकीलों की भी जान दी। अभी तक हम 122 वकीलों को इस स्कीम का लाभ दे चुके हैं। 1200 से अधिक वकीलों को हेल्थ इंश्योरेंस का पैसा जारी कर चुके हैं।
मेरी ख्वाहिश है कि जिस तरह यह संगठन दिल्ली में उभर रहा है, उसी तरह पूरे देश के सभी राज्य में जिला कोर्ट और तहसील में हमारा वकीलों का संगठन बने। वकील समुदाय जिसके साथ रहा है, उसको आज तक कोई नहीं हरा पाया। चाहे वह आजादी की लड़ाई हो, चाहे वह बाबा साहेब के संविधान को बचाने की लड़ाई हो, वकील जिसके साथ है, उसको कोई नहीं हरा सकता है।