किसान ट्रैक्टर परेड के मद्देनजर दिल्ली में सुरक्षा की गई कड़ी
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किसान टैक्टर रैली को लेकर दिल्ली पुलिस व किसानों में सहमति बन गई हो। बावजूद दिल्ली पुलिस को आशंका व इनपुट्स हैं कि किसान गणतंत्र दिवस की परेड में पहुंचकर हुड़दंग कर देश व सरकारी छवि को खराब कर सकते हैं। ऐसे में दिल्ली पुलिस ने अरेस्टिंग टीमों को गठन किया है। ये टीमें फुर्ती से काम करते हुए किसान व अन्य लोगों को मौके से तुरंत ले जाएंगी। इसके अलावा रजोकरी व कापसहेड़ा आदि बॉर्डरों से किसान दिल्ली में आ सकते हैं और किसी तरह भी तरह का बवाल कर सकते हैं। इसे देखते हुए मंगलवार को सभी पुलिसकर्मियों को अपने-अपने थानों में रिजर्व रहने के लिए कहा गया है।
नई दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि किसान परेड में पहुंचकर किसी तरह का हुड़दंग न कर सकें इसके लिए कड़े बंदोबस्त किए गए हैं। दिल्ली पुलिस ने चार टीमों का गठन किया है। इन टीमों को अरेस्टिंग टीम नाम दिया गया है। एक टीम में 35 से 40 पुलिसकर्मी होंगे। ये टीमें तैनात पुलिसकर्मी चीते की फुर्ती की तरह काम करेंगी। इन चारों टीमों को गण्तंत्र दिवस की परेड के तारों तरफ तैनात किया गया है। अपनी-अपनी दिशाओं से परेड की तरफ जाने वाले मार्गों पर गश्त करते हुए संदिग्ध किसानों पर नजर रखेंगे। इसके अलावा एनएसजी के कमांडो व सभी जिलों के स्पेशल स्टाफ की टीमें तैनात की गई हैं।
परेड के बाद पुलिसकर्मी अपने-अपने थानों में जाएंगे और देर रात तक अपने-अपने थानों में रिजर्व के तौर पर रहेंगे। ताकि दिल्ली में कहीं भी जरुरत पडने पर पुलिसकर्मियों को वहां बुलाया जा सके। पुलिसकर्मियों के बॉर्डर आदि पर पहुंचने की मॉक ड्रिल भी करवाई गई हैं। इससे ये पता लग गया कि किस थाने व जिले से पुलिसकर्मी बॉर्डर व अन्य जगहों पर कितने देर में पहुंच सकते हैं।
रजोकरी व कापसहेड़ा से किसानों के आने की संभावना
रजोकरी व कापसहेड़ा से गुरुग्राम व नजफगढ़ साइड से किसानों के आने की संभावना है। इसे देखते हुए एनएच-8 पर रजोकरी, कापसहेड़ा व बजघेड़ा बॉर्डर पर 60-60 पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। सीनियर पुलिस अधिकारी मौके पर गश्त करते रहेंगे। पुलिसकमी अपने-अपने व्हाट्सएप ग्रुप भी चैक करते रहेंगे।