याचिका में कहा गया है कि उच्चतम न्यायालय ने 2019 में प्रत्येक जिले में विशेष पॉक्सो अदालतें स्थापित करने का निर्देश दिया था, जहां पॉक्सो अधिनियम के तहत 100 से अधिक मामले हैं। राजधानी में बलात्कार और पोक्सो अधिनियम के मामलों के लंबित होने के आधार पर कुल 16 फास्ट ट्रैक विशेष अदालतों को स्थापित करने का प्रस्ताव है।
दिल्ली सरकार के स्थायी वकील संतोष कुमार त्रिपाठी के माध्यम से दाखिल रिपोर्ट में कहा गया है कि पहले दो प्रस्ताव प्रशासनिक सुधार विभाग को एपीपी के 73 पद सृजित करने के लिए भेजे गए थे, लेकिन इसे इस आधार पर डीओपी को वापस कर दिया गया कि इन्हें उचित नहीं पाया गया है।
प्रशासनिक सुधार विभाग ने कहा था कि पॉक्सो और फास्ट ट्रैक विशेष अदालतों में दो एपीपी तैनात करने के लिए प्रशासनिक विभाग की दलील अनुचित लगती है। इसके बाद, डीओपी ने एपीपी के 18 पदों के सृजन के लिए एक संशोधित प्रस्ताव के साथ फाइल को फिर से जमा किया था और यह प्रशासनिक सुधार विभाग में प्रक्रियाधीन है।