अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय की मांग को लेकर बुधवार को राजघाट पर मौन व्रत कर रहे उनके माता-पिता को दिल्ली पुलिस अपने साथ ले गई। शाम को पुलिस उन्हें वहां से हटाने पहुंची तो धक्का-मुक्की हुई। इस दौरान अंकिता की मां की तबीयत बिगड़ गई और वह बेहोश होकर जमीन पर गिर पड़ीं।
दिल्ली पुलिस के मध्य जिला पुलिस उपायुक्त रोहित राजवीर के अनुसार, दोनों को स्वास्थ्य जांच और उपचार के लिए बुराड़ी ले जाया गया। वहीं, सामाजिक कार्यकर्ता योगिता भयाना ने आरोप लगाया कि पुलिस ने अस्पताल ले जाने की बात कहकर उन्हें गाड़ी में बैठाया, लेकिन अस्पताल पहुंचाने के बजाय काफी देर तक इधर-उधर घुमाती रही।
सामाजिक कार्यकर्ता योगिता भयाना ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। उनका आरोप है कि अंकिता की मां की तबीयत बिगड़ने पर पुलिस ने उन्हें अस्पताल ले जाने की बात कही। मध्य जिला पुलिस उपायुक्त ने कहा अंकिता के माता-पिता बुधवार को राजघाट पहुंचे थे। वहां प्रार्थना करने और मीडिया से बातचीत के बाद वे दो महिलाओं संग गेट के पास धरने पर बैठ गए, फिर हटाया गया।
सितंबर 2022 में हुई थी अंकिता की हत्या
अंकिता भंडारी उत्तराखंड के ऋषिकेश स्थित वनंतरा रिजॉर्ट में काम करती थीं। सितंबर 2022 में उनकी हत्या कर दी गई थी। इस मामले में रिजॉर्ट के मालिक पुलकित आर्य और उसके दो साथियों को अदालत उम्रकैद की सजा सुना चुकी है। इसके बावजूद अंकिता के माता-पिता का कहना है कि मामले में वीआईपी की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए।
योगिता भयाना ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए
सामाजिक कार्यकर्ता योगिता भयाना ने पुलिस की इस कार्रवाई पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने दिल्ली पुलिस पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। योगिता भयाना ने पुलिस के रवैये पर सवाल खड़े किए हैं।
योगिता भयाना के अनुसार, दिल्ली पुलिस ने अंकिता के माता-पिता को अस्पताल ले जाने की बात कही थी। पुलिस उन्हें अपने साथ ले गई थी। पुलिस ने उन्हें यह कहकर उठाया कि उन्हें चिकित्सा सहायता की आवश्यकता है। लेकिन बाद में उन्हें किसी भी अस्पताल में नहीं पहुंचाया गया। योगिता भयाना ने पुलिस की इस कार्रवाई को अनुचित बताया है।
मौन व्रत पर बैठे थे अंकिता के माता-पिता
अंकिता भंडारी के माता-पिता अपनी बेटी के लिए न्याय की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। वे राजघाट पर मौन व्रत पर बैठे थे। उनका यह प्रदर्शन अंकिता के मामले में निष्पक्ष जांच और न्याय सुनिश्चित करने के लिए था। माता-पिता लगातार न्याय की गुहार लगा रहे हैं। पुलिस की इस कार्रवाई से उनके प्रदर्शन में बाधा आई है।