अमरनाथ यात्रा पर आतंकी हमले की साजिश को देखते हुए सीआरपीएफ को उन्नत तकनीकी गैजेट से लैस किया जाएगा। साथ ही ड्रोन से भी निगरानी बढ़ाई जाएगी। केंद्रीय नियंत्रण कक्ष से घाटी के चप्पे चप्पे में होने वाली हर गतिविधि पर नजर रखी जाएगी। पहलगाम और बालटाल के रास्तों पर सिर्फ 50 ड्रोन चौकसी के लिए तैनात किए जाएंगे। इसके अलाव सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और प्रशासन की टीमें सुरक्षा चाक चौबंद रखने के लिए तैनात रहेगी।
सरकार ने अमरनाथ यात्रियों को श्रीनगर से पंचतरणी तक हेलिकॉप्टर सेवा शुरू करने की सौगात दी है। एक शीर्ष अधिकारी ने बताया कि केंद्रीय गृहमंत्रालय ने जम्मू-कश्मीर प्रशासन को अमरनाथ यात्रा के लिए इस तीसरे हेलिकॉप्टर रूट से संबंधित निर्देश जारी कर दिए हैं। श्रद्धालु इस साल से ही श्रीनगर से हेलिकॉप्टर के जरिये पंचतरणी तक पहुंचेंगे जहां से छह किलोमीटर की यात्रा कर पवित्र गुफा के दर्शन किए जा सकेंगे।
अब तक बालटाल और पहलगाम से ही पंचतरणी तक ही हेलिकॉप्टर सेवा थी। हेलिकॉप्टर सेवा के साथ ही श्रीनगर हवाई अड्डे के पास बडगाम से पंचतरणी के लिए यह नया रूट शुरू होगा। कोरोना काल में दो साल तक बंद रहने के बाद बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना के चलते सरकार ने हेलिकॉप्टर सेवा शुरू करने का फैसला लिया है।
शिवभक्तों को मिलेगी बेहतर संपर्क सेवा
श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड के चेयरमैन एवं उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने यात्रा को सुरक्षित और तीर्थयात्रियों के लिए अधिक सुविधाजनक बनाने के लिए प्रौद्योगिकी का अधिकतम उपोग सुनिश्चित करने पर जोर दिया है। इस साल तीर्थ यात्रियों को बेहतर संपर्क सुनिश्चित बनाने के लिए दूरसंचार चैनलों का विस्तार किया जा रहा है। भक्तों की सुरक्षा को पुख्ता बनाने के लिए आरएफआईडी प्रणाली शुरू की जा रही है। उन्होंने वीरवार को राजभवन में उच्च स्तरीय बैठक कर यात्रा की तैयारियों की समीक्षा की।
उपराज्यपाल ने जोर देकर कहा कि यात्रा व्यवस्था के सभी कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरे होने चाहिए। वरिष्ठ अधिकारी समय-समय पर सुरक्षा, परिवहन, आवास, स्वच्छता, बिजली, पानी, संचार, स्वास्थ्य, फूड कोर्ट आदि व्यवस्थाओं का नियमित निरीक्षण करें। बताया गया कि अधिकांश कार्य पूर्ण हो चुके हैं। संभागीय आयुक्त कश्मीर ने बताया कि पोनी सेवा के लिए लगभग 7500 पंजीकरण पहले ही किए जा चुके हैं।
उपायुक्त अनंतनाग ने बताया कि जिले में यात्रा संबंधी सभी कार्य 15 जून तक पूर्ण कर लिए जाएंगे। उपायुक्त गांदरबल ने बताया कि यात्रा मार्ग पर बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं और टेंट की स्थापना की जा रही है। उपराज्यपाल ने यात्रा मार्ग पर स्वच्छता और सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव डॉ. अरुण कुमार मेहता ने यात्रा संबंधी किसी भी कार्य को पूरा करने में किसी भी बाधा को तुरंत दूर करने को कहा। उपराज्यपाल ने खीर भवानी मेले के सुचारु और सफल संचालन के लिए प्रशासन को बधाई दी।