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तीन साल में डीजल मुक्त हो जाएंगीं सभी रेलगाड़ियां : पीयूष गोयल

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प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोलते केंद्रीय रेल मंत्री पीयूष गोयल। - फोटो : Ashram
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नई दिल्ली। भारतीय रेलवे विश्व का पहला प्रदूषण रहित रेलवे बनने की दिशा में अग्रसर है। अगले तीन साल में सभी ट्रेनें डीजल मुक्त हो जाएंगी। इससे पर्यावरण को प्रदूषण मुक्त करने में बड़ी सहायता मिलेगी। रेलवे को पूरी तरह से आत्मनिर्भर बनाने और जनता को बेहतरीन सुविधा उपलब्ध कराने के लिए जो कार्यक्रम तैयार किया गया है, उससे वर्ष 2030 तक रेलवे अनेक मार्गों पर बुलेट और सेमी बुलेट सेवा देने में कामयाब हो जाएगा। यह बातें केंद्रीय रेल मंत्री पीयूष गोयल ने कहीं।
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प्रदेश भाजपा कार्यालय में पहुंचे पीयूष गोयल ने कहा कि जिस तरह से आत्मनिर्भर बजट में प्रस्ताव रखे गए हैं, उससे भारतीय रेलवे वर्ष 2030 तक विश्व का पहली प्रदूषण रहित रेलवे बन जाएगा। उन्होंने कहा कि अगले तीन सालों में सभी ट्रेनें डीजल मुक्त हो जाएंगी। मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन का काम अहमदाबाद की ओर से शुरू करने के लिए निविदाएं दी जा चुकी हैं। गुजरात में परियोजना के लिए जरूरी भूमि में 90 प्रतिशत का अधिग्रहण हो गया है। महाराष्ट्र में भूमि न मिलने के कारण इस परियोजना का काम लगभग ठप है, जिसमें तेजी लाने के लिए राज्य सरकार से वार्ता की जा रही है।
उन्होंने बताया कि देश में सात रूट पर सभी बुलेट ट्रेन सेवा दे सकें, इसकी तैयारियां भी जारी हैं। केंद्र की मोदी सरकार बिजली और नवीकरण ऊर्जा के सबसे बड़े समर्थकों में से एक है। यही कारण है कि वर्ष 2030 तक नवीकरण ऊर्जा द्वारा 4.50,0000 मेगावाट बिजली उत्पादन का कार्य पूरा कर लिया जाएगा। इसके साथ ही इस अवधि तक बिजली चलित वाहनों को देशभर में चलाने का प्रयत्न किया जा रहा है। अगले 10 वर्षों में देश में भी पूरी तरह से बिजली आधारित दुपहिया और चौपहिया वाहनों का भी उत्पादन और चलाने का कार्यक्रम शुरू कर दिया जाएगा। इसके लिए बड़े स्तर पर अनुदान देने का प्रस्ताव है।
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