नई दिल्ली। सऊदी अरब तथा कुवैत में फंसी 56 भारतीय नर्सों को सुरक्षित भारत लाया जाएगा। यह आश्वासन केंद्र सरकार ने सोमवार को हाईकोर्ट में दिया। केन्द्र ने कहा कि इन सभी नर्सों को भारत वापस के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) का गंभीरता से पालन किया जाएगा। इस पर आश्वासन पर हाईकोर्ट ने संबंधित जनहित याचिका का निपटारा कर दिया।
याचिका यूनाइटेड नर्सेज एसोसिएशन की ओर दायर की गई थी। याचिका में कहा गया था कि 56 में से एक नर्स कुवैत में है। अधिकांश गर्भवती नर्सें सऊदी अरब में अकेले ही रह रही हैं क्योंकि उन्हें परिवार का वीजा नहीं मिला था।
न्यायमूर्ति विभु बाखरू की एकल पीठ ने याचिका पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सुनवाई की। पीठ के समक्ष अतिरिक्त सॉलिसीटर जनरल मनिंदर आचार्य और केंद्र सरकार के वकील जसमीत सिंह ने आश्वासन दिया कि सऊदी अरब व कुवैत में फंसी गर्भवती नर्सों को सुरक्षित भारत वापस लाया जाएगा। कोर्ट ने याचिका का निपटारा करते हुए कहा कि सरकार अपने वचन के लिए बाध्य है।
याचिका में कहा गया था कि कोविड-19 के करण 56 भारतीय गर्भवती नर्सें विदेश में फंसी हुई हैं। इन नर्सों को भारत लाने के लिए केन्द्र सरकार को निर्देश दिए जाएं। साथ ही उन लोगों को भारत लाने में प्राथमिकता देने का निर्देश दिया जाए जिन्हें चिकित्सा की आवश्यकता है।