साउथ एमसीडी स्टैंडिंग कमेटी के अध्यक्ष राजदत्त गहलोत ने कहा है कि दिल्ली के सभी टोल को फ्री कर देना चाहिए। असल में एमसीडी के 124 नाकों से टोल वसूली का काम निजी कंपनी एमईपी इन्फ्रास्टक्चर करती है। इस कंपनी का एमसीडी से पैसे के लेनदेन को लेकर विवाद चल रहा है। यहां तक कि मामला कोर्ट में जा पहुंचा है।
ऐसे में राजदत्त गहलोत ने कहा है कि जब तक मामला न्यायालय में है, तबतक दिल्ली के सभी टोल नाकों को फ्री कर दिया जाए। टोल के पैसे नहीं मिलने से एमसीडी को 1206 करोड़ रुपये का सालाना राजस्व घाटा हो रहा है। फिलहाल एमसीडी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा है कि एमसीडी के सभी टोल को फ्री करना आसान नहीं होगा। ऐसा करने के लिए तीनों निगमों को सदन में इसके लिए बिल पास कराना होगा।
साउथ एमसीडी स्टैंडिंग कमेटी के अध्यक्ष राजदत्त गहलोत की बात तीनों निगमों ने स्वीकार कर ली तो ऐसे में दिल्ली में रोजाना प्रवेश करने वाले व्यवसायिक वाहनों को भारी राहत मिलेगी। यदि एमसीडी के टोल फ्री हो जाएं तो इससे दिल्ली में प्रवेश करने वाले एक लाख से ज्यादा व्यवसायिक वाहनों को लाभ होगा। साल 2017 में एमईपी इन्फ्रास्टक्चर और साउथ एमसीडी के बीच समझौता हुआ था। कंपनी को 1206 करोड़ रुपये सालाना एमसीडी को देना था। लेकिन लंबे समय से कंपनी और एमसीडी के बीच विवाद चल रहा है।