नई दिल्ली। आरोपी महिला पत्रकार इन आरोपों को साबित करने में नाकाम रही हैं कि उन्होंने 20 साल पहले उनके साथ यौन दुराचार किया था। पूर्व केन्द्रीय मंत्री एम जे अकबर ने मानहानि मामले में अदालत के समक्ष मंगलवार को यह तर्क रखा। अदालत अकबर पर यौन दुराचार का आरोप लगाने के लिये महिला पत्रकार के खिलाफ मानहानि मामले पर सुनवाई कर रही है।
राउज एवेन्यू अदालत में अतिरिक्त मुख्य मैट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट रवीन्द्र कुमार के समक्ष एमजे अकबर की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता गीता लूथरा ने कहा आरोपी महिला ये साबित नहीं कर पाई कि उसकी मुलाकात उनके मुवक्किल से कब कहां हुई यह साबित नहीं कर पाई। आरोपी महिला ने अपने आरोप साबित नहीं किये हैं। उसने टेलीफोन, कार पार्किंग और सीसीटीवी रिकॉर्ड नहीं दिखाए हैं।
कोर्ट के समक्ष लूथरा ने कहा कि महिला के बयान और उनकी कहानी कल्पना पर आधारित है। उन्होंने कहा कि उसने एक झटके में उनके मुवक्क्लि की 50 साल की कड़ी मेहनत पर पानी फेर दिया। अदालत ने अब मामले की सुनवाई 14 जनवरी तक स्थगित कर दी है।
अकबर ने 15 अक्टूबर 2018 को महिला पत्रकार के खिलाफ आपराधिक मानहानि का मामला दायर किया था। इसके बाद, 17 अक्टूबर 2018 को उन्होंने केन्द्रीय मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था।