नई दिल्ली। पूर्व केंद्रीय मंत्री एमजे अकबर ने सोची समझी साजिश के तहत महिला पत्रकार के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया ताकि वह डर जाए। यह दलील एमजे अकबर मानहानि मामले में आरोपी महिला पत्रकार ने सोमवार को अदालत में दी। महिला पत्रकार ने मीटू अभियान के तहत अकबर पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था। इसके बाद अकबर ने मानहानि का मुकदमा दायर किया था।
राउज एवेन्यू कोर्ट के एसीएमएम विशाल पाहूजा के समक्ष महिला पत्रकार ने अपनी वकील रिबैका जौन के माध्यम से कहा कि 14 से अधिक महिलाओं ने एमजे अकबर पर मीटू आंदोलन के दौरान यौन उत्पीड़न के आरोप लगाये लेकिन उन्होंने सोची समझी साजिश के तहत केवल उनकी मुव्वकिल के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दर्ज कराया है। उन्होंने उसे खास तौर पर निशाना बनाया है।
बचाव पक्ष की वकील ने कोर्ट से कहा या तो एमजे अकबर पर लगाए गए सारे आरोप निराधार हैं? या फिर सभी आरोप सही हैं? साल 2018 में मीटू आंदोलन के दौरान महिला पत्रकार ने ही सबसे पहले एमजे अकबर पर लगभग 20 साल पहले यौन शोषण का आरोप लगाया था। इसके बाद एमजे अकबर ने 17 अक्टूबर 2018 को केंद्रीय मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था।