राजधानी में हवा की गुणवत्ता में शुक्रवार कोे सुधार दर्ज किया गया। सफर के मुताबिक पुरवा हवा चलने से पराली के धुएं का हिस्सा महज चार फीसदी रहा। इससे हवा की गुणवत्ता में 27 अंकों का सुधार आया। बीते दिन के मुकाबले वायु गुणवत्ता सूचकांक 311 से गिरकर 284 दर्ज किया गया।
हालांकि शनिवार को दक्षिणी पूर्वी हवा चलने से इसके 18 फीसदी होने का अनुमान है, लेकिन उम्मीद जताई जा रही है कि दिवाली पर लंबे वक्त के बाद दिल्लीवासियों को दमघोंटू हवा में नहीं रहना पड़ेगा। इस बार हवा तुलनात्मक रूप से साफ रहने की संभावना है।
फोरकास्टिंग एंड रिसर्च (सफर) ने शुक्रवार को इस साल की दिवाली का पूर्वानुमान जारी किया। इसके मुताबिक, पटाखे चलाने का सबसे ज्यादा असर 28 अक्तूबर की देर रात एक बजे से सुबह छह बजे तक रहेगा।
इस दौरान अगर पिछले साल की तरह पटाखेबाजी हुई तो प्रदूषण गंभीर स्तर के पार जाने का अंदेशा है। इसमें 50 फीसदी हिस्सा पटाखों के धुएं का होगा। हालांकि ऊपरी सतह पर चलने वाली हवाओं की चाल तेज होने के चलते प्रदूषण के स्तर में दोपहर बाद गिरावट आएगी। यह बेहद खराब से खराब श्रेणी आ सकती है।
बीते चार साल में सबसे कम पीएम 2.5 के स्तर की उम्मीद
दिवाली की मध्य रात्रि करीब एक बजे से 28 अक्तूबर सुबह छह बजे के बीच पीएम 2.5 का स्तर सबसे ज्यादा रहेगा। हालांकि बीते चार साल की तुलना में इस बार इसके कम रहने की उम्मीद है। पीएम 2.5 का स्तर 2016 में 650, 2017 में 350, 2018 में 550 रिकॉर्ड किया गया था। इस साल दिवाली पर पीएम 2.5 की मात्रा 300 के आसपास रहने की उम्मीद है।
निर्माण स्थलों पर कचरा मिला तो अफसरों, इंजीनियरों का कटेगा वेतन
दिल्ली सरकार लोक निर्माण विभाग समेत सभी एजेंसियों के निर्माण स्थलों पर निर्माण कार्य से निकला कचरा मिलने पर संबंधित इंजीनियर व अधिकारियों का वेतन काटेगी। यह निर्णय शुक्रवार को मुख्य सचिव विजय देव की अध्यक्षता में हुई बैठक में लिया गया।
दूसरी तरफ ईपीसीए की भी बैठक हुई। इसमें बताया गया कि मुख्य सचिव ने निर्माण कार्य से जुड़ीं सभी एजेंसियों को निर्देश दिया है कि दिल्ली के सबसे खराब वायु प्रदूषण वाले 13 स्थलों पर खास नजर रखी जाए।
साथ ही इसकी कार्ययोजना दो सप्ताह के भीतर तैयार करने के लिए कहा है। वहीं 24 घंटे के भीतर सभी जगहों से मलबा हटाया जाए। मुख्य सचिव ने डीपीसीसी को निर्देश दिया कि लापरवाही मिलने पर सरकारी व निजी एजेंसियों पर जुर्माना लगाया जाए।