बच्चों पर वैक्सीन परीक्षण के अगले चरण में एम्स दिल्ली में अब दो से छह साल तक की आयु के बच्चों को वैक्सीन की दूसरी डोज देने के लिए अगले सप्ताह से ट्रायल शुरू हो जाएगा। अगले सप्ताह से इन बच्चों को वैक्सीन की खुराक देना शुरू कर दिया जाएगा। इससे पहले छह से 17 वर्ष तक की आयु वालों को वैक्सीन देने का काम पूरा हो चुका है।
वहीं, डॉक्टरों का कहना है कि अभी तक बच्चों में कोवाक्सिन की पहली डोज का कोई दुष्प्रभाव देखने को नहीं मिला है। इन बच्चों को वही कोवाक्सिन दी जा रही है, जो वर्तमान में टीकाकरण कार्यक्रम के तहत व्यस्कों को मिल रही है।
इससे पहले दिल्ली एम्स से मिली जानकारी के अनुसार दूसरे चरण के तहत बच्चों की स्क्रीनिंग शुरू हुई थी। स्क्रीनिंग के दौरान पहले बच्चे के संक्रमित होने या न होने की जांच की जाती है। इसके बाद रक्त नमूना लेकर एंटीबॉडी का स्तर जांचने की प्रक्रिया होती है, ताकि यह पता रहे कि बच्चा पहले कभी संक्रमित हुआ था या नहीं। अभी तक परीक्षण के परिणाम संतोषजनक बताए जा रहे हैं।
525 बच्चों पर चल रहा कोवैक्सिन का परीक्षण
दिल्ली एम्स सहित देश के छह अलग-अलग अस्पतालों में दो से 17 वर्ष की आयु के 525 बच्चों पर कोवाक्सिन का परीक्षण चल रहा है। अभी तक बच्चों में कोरोना का वैक्सीन सुरक्षित है अथवा नहीं, इसके वैज्ञानिक प्रमाण बेहद कम हैं। इसलिए सरकार देश में बच्चों के टीकाकरण में कोरोना वैक्सीन शामिल करने से पहले यह अध्ययन करा रही है।