अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के एक डॉक्टर ने अनजान मरीज को सिंगल डोनर प्लेटलेट दान कर इंसानियत की मिसाल पेश की है। मरीज का बोन मैरो प्रत्यारोपण हुआ है। इसके बाद उसे प्लेटलेट की जरूरत थी। दिल्ली में उसका कोई रिश्तेदार नहीं था, जो प्लेटलेट दान कर सके।
एम्स के जेरिएट्रिक मेडिसिन विभाग के डॉक्टर प्रसून चटर्जी को जब इसका पता चला तो वह खुद डोनर बनकर आगे आए। इस कदम की सभी डॉक्टरों और सहकर्मियों ने तारीफ की है।
एम्स के डॉ. विजय गुर्जर ने बताया कि अस्पताल में मोहम्मद समीर (12) नामक बच्चे को बोन मैरो प्रत्यारोपण के बाद एसडीपी की जरूरत थी। यह बच्चा काफी लंबे समय से अस्पताल में भर्ती है।
आर्थिक स्थिति ठीक न होने और किसी रिश्तेदार के न होने से मरीज को प्लेटलेट नहीं मिल पा रही हैं। इससे पहले भी सफदरजंग अस्पताल के एक स्वास्थ्य कर्मचारी ने मरीज को प्लेटलेट दान की थी।
एम्स के नर्सिंग अधिकारी कनिष्क यादव ने बताया कि इस मरीज को आने वाले समय में भी इसी प्रकार की सहायता चाहिए होगी। इसके लिए अस्पताल के कई डॉक्टरों से मदद करने की अपील की गई है।
डॉक्टर भी सहायता के लिए आगे आ रहे हैं। बच्चा और उसका परिवार इलाज के लिए पिछले दो साल से दिल्ली में हैं। फिलहाल उसकी हालत में सुधार है।