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दिल्ली : एक्सरे के बाद अब एम्स में अल्ट्रासाउंड के लिए नहीं मिलेगी वेटिंग

Sun, 13 Feb 2022 05:06 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

एक ही दिन में मिलेगी रिपोर्ट। एम्स प्रबंधन ने सभी विभागों के लिए जारी किए निर्देश।
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एम्स दिल्ली - फोटो : फाइल
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विस्तार
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एक्सरे के बाद अब दिल्ली एम्स में अल्ट्रासाउंड के लिए वेटिंग नहीं मिलेगी। मरीजों को एक ही दिन में जांच की सुविधा मिलेगी और उसके कुछ देर बाद रिपोर्ट भी उपलब्ध होगी। ओपीडी में ही मरीजों को अल्ट्रासाउंड की जांच उपलब्ध होगी। शनिवार को एम्स प्रबंधन ने सभी विभागों के लिए निर्देश भी जारी कर दिए हैं। पिछले वर्ष प्रबंधन ने एक्सरे की वेटिंग खत्म करने का फैसला लिया था। तब से लेकर अब तक एम्स में प्रतिदिन मरीजों का एक्सरे किया जा रहा है और उसी दिन शाम तक उन्हें रिपोर्ट भी मिल रही है। 

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जानकारी के अनुसार पिछले वर्ष केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने एम्स प्रबंधन के साथ बैठक की थी जिसके बाद वेटिंग कम करने पर काम शुरू हुआ। अभी तक एम्स में अल्ट्रासाउंड जांच के लिए लंबी वेटिंग थी। यहां मरीजों को जांच कराने के लिए छह माह आगे तक की वेटिंग दी जा रही थी। इसके चलते मरीजों को मजबूरी में बाहरी केंद्रों पर जाकर जांच करानी पड़ती थी। जो गरीब रोगियों के लिए संभव भी नहीं था। इसके अलावा ब्लड जांच के लिए भी मरीजों को कई दिनों तक इंतजार करना पड़ता था। 

एम्स प्रबंधन के एक अधिकारी ने बताया कि अल्ट्रासाउंड की वेटिंग कम करने के लिए बीते दो महीने से प्रयास चल रहा था। इसके लिए अतिरिक्त स्टाफ की नियुक्ति के साथ साथ लंबित जांच को भी क्लियर किया गया। बीते बुधवार स्वास्थ्य मंत्री ने एम्स के सभी विभागाध्यक्षों के साथ बैठक की थी। इसमें अल्ट्रासाउंड जांच की वेटिंग खत्म करने पर चर्चा हुई थी। 
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इन लोगों को मिलेगी प्राथमिकता
नए निर्देशों के तहत गंभीर रोगी, बुजुर्ग, दिव्यांग व जिन मरीजों को अल्ट्रासाउंड जांच अत्यंत जरूरी होगी उन्हें ओपीडी में डॉक्टर के देखने के बाद उसी दिन रेडियोलाजी विभाग जांच के लिए भेजेंगे। जहां डॉक्टर अल्ट्रासाउंड जांच करेंगे और रिपोर्ट भी तुरंत मिल जाएगी। इससे मरीजों को बार-बार अस्पताल आने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इसके लिए 35 मरीजों का स्लाट निर्धारित किया गया है। डॉप्लर अल्ट्रासाउंड व जिन मरीजों को अल्ट्रासाउंड जांच के लिए खाली पेट होना जरूरी होगा उनकी जांच ओपीडी में इलाज के दिन नहीं हो पाएगी। ऐसे मरीजों की जांच एक सप्ताह के भीतर की जाएगी।

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