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ऐसे होता है टीके का असर: टीका लगने पर हल्का बुखार, सिर व मांसपेशी का दर्द आम

Tue, 18 May 2021 02:26 AM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

डॉ. प्रवीण कहते हैं कि वैक्सीन के बाद अधिक उम्र के लोगों में एलर्जी की संभावना ज्यादा रहती है। लिहाजा वैक्सीन लगने के बाद लोगों को करीब आधे घंटे तक टीकाकरण केंद्र में ही रुकने के लिए कहा जा रहा है, ताकि वैक्सीन के बाद इन्हें निगरानी में रखा जा सके।
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कोरोना टीकाकरण - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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दिल्ली में बड़ी संख्या में लोग टीकाकरण के लिए आगे आ रहे हैं। अब तक 38 लाख से ज्यादा लोग वैक्सीन लगवा चुके हैं। लोगों में टीका लगने के बाद कई प्रकार कि प्रतिक्रिया देखने को मिलती है। इनमें कुछ हल्के प्रभाव होते हैं, कुछ गंभीर। ऐसे में यह जानना जरूरी है कि वैक्सीन लगने के बाद शरीर क्या प्रतिक्रिया देता है, कौन से लक्षण गंभीर श्रेणी में आते हैं, और कौन से सामान्य।

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वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. प्रवीण कुमार बताते हैं कि कोरोना वैक्सीन के रिएक्शन को दो हिस्सों में बांटा गया है। हल्के और गंभीर। ऐसे में वैक्सीन लगने के बाद लोगों में वैक्सीन वाली जगह पर दर्द, सूजन या उस जगह का लाल पड़ जाने जैसे लक्षण दिखाई देना आम है। इसमें घबराने की जरूरत नहीं है। इसके अलावा बुखार आना, सिर दर्द, भूख न लगना और मांसपेशियों में दर्द होना भी शामिल है। हल्के लक्षणों से व्यक्ति के स्वास्थ्य पर गहरा असर नहीं पड़ता और जल्दी ही ये ठीक हो जाते हैं। टीका लगवाने के बाद यह सभी प्रभाव दिख रहे हैं तो घबराना नहीं चाहिए। टीकाकरण के बाद यह सब होना आम बात है।

डॉक्टर के मुताबिक, टीका लगने के बाद शरीर में होने वाली गंभीर प्रतिक्रिया की बात करें तो इसमें जान जाने का भी खतरा होता है। इसमें वैक्सीन लगते ही उसका एलर्जिक रिएक्शन होता है। इसमें शरीर वैक्सीन को सपोर्ट नहीं करता। डॉ. प्रवीण कहते हैं कि वैक्सीन के बाद अधिक उम्र के लोगों में एलर्जी की संभावना ज्यादा रहती है। लिहाजा वैक्सीन लगने के बाद लोगों को करीब आधे घंटे तक टीकाकरण केंद्र में ही रुकने के लिए कहा जा रहा है, ताकि वैक्सीन के बाद इन्हें निगरानी में रखा जा सके। टीके के बाद एलर्जी का कोई लक्षण दिखाई देता है और व्यक्ति की तबीयत बिगड़ती है तो उसे तत्काल इलाज के लिए भेजा जाता है। उन्होंने कहा कि कई बार देखा जाता है कि टीका लगवाने के बाद लोग निगरानी कक्ष में नहीं रुकते, ऐसा बिल्कुल नहीं करना चाहिए।
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ऐसे होता है टीके का असर
डॉक्टरों के मुताबिक, टीके को इंजेक्शन के जरिए सीधे शरीर के अंदर पहुंचाया जाता है। शरीर में जाने के बाद वैक्सीन टी कोशिकाओं को सक्रिय कर देती है। वैक्सीन जहां एक ओर शरीर के प्रतिरोधक तंत्र को मजबूत करती है तो वहीं स्पाइक प्रोटीन को पहचानने के बाद उसके खिलाफ तेजी से काम शुरू कर देती है। शरीर में मौजूद बी कोशिका एंटीबॉडीज बनाकर बाहरी पैथोजन को रोकती है। इस पूरी प्रक्रिया में वायरस कमजोर पड़ता हैं और वो शरीर के प्रतिरोधक तंत्र को नुकसान नहीं पहुंचा पाता। 

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