आंबेडकर विश्वविद्यालय दिल्ली आगामी सत्र से छात्रों को मास्टर ऑफ पब्लिक हेल्थ समेत छह नए डिग्री प्रोग्राम में पढ़ाई का मौका देगा। कोरोना महामारी के दौर में मास्टर ऑफ पब्लिक हेल्थ प्रोग्राम एक बेहतर विकल्प होगा।
इस डिग्री प्रोग्राम वाले प्रोफेशनल की मार्केट में भविष्य में काफी डिमांड रहेगी। इसके अलावा बीए ऑनर्स हिंदी, टूरिज्म एंड हॉस्पिटैलिटी मैनेजमेंट में मास्टर ऑफ वोकेशनल, ह्यूमन इकोलॉजी में इंटीग्रेडिट एमए-पीएचडी प्रोग्राम समेत अन्य है।
आंबेडकर विश्वविद्यालय दिल्ली में शैक्षणिक सत्र 2021-22 में स्नातक प्रोग्राम में दाखिले की दौड़ 12 जुलाई और स्नातकोत्तर प्रोग्राम में जुलाई के आखिरी सप्ताह से ऑनलाइन शुरू होगी। कुलपति प्रो. अनु सिंह लाथर ने सोमवार को आगामी सत्र के लिए दाखिला विवरणिका जारी की।
विश्वविद्यालय 2021 सत्र में स्नातक, स्नातकोत्तर और पीएचडी प्रोग्राम में 57 प्रोग्राम की पढ़ाई करवाएगा। कोरोना महामारी को देखते हुए फीस पॉलिसी में किसी प्रकार का बदलाव नहीं किया जा रहा है। वही, रजिस्ट्रार डॉ. नीतिन मलिक ने कहा कि आगामी शैक्षणिक सत्र समय से शुरू होगा। दिल्ली इंस्टीट्यूट ऑफ हेरिटेज एंड मैनेजमेंट के सहयोग से विश्वविद्यालय दो नए प्रोग्राम शुरू कर रहा है।
स्कूल ऑफ हेरिटेज रिसर्च एंड मैनेजमेंट एमए आर्कियोलॉजी एंड हेरिटेज मैनेजमेंट (एमएएचएम) और एमए कंजरवेशन, प्रीवेन्शन एंड हेरटिज मैनेजमेंट (एमसीपीएचएम) प्रोग्राम की पढ़ाई होगी। इसके अलावा बीए ऑनर्स हिंदी में छात्रों को पांरपरिक शिक्षण का लाभ मिलेगा। सीबीसीएस के तहत पढ़ाए जाने वाले पाठ्यक्रम में साहित्य के आदिकाल से लेकर आधुनिक काल तक फैले कालखंड आदि की पढ़ाई करवाई जाएगी।
64 विदेशी छात्र आगामी सत्र में करेंगे पढ़ाई
कुलपति ने बताया कि आगामी शैक्षणिक सत्र में 64 विदेशी छात्रा भी बीए, एमए, पीएचडी प्रोग्राम की पढ़ाई करेंगे। सार्क देश और अफ्रीकी देशों के इन छात्रों को चयन आईसीसीआर के तहत हुआ है।
4.73 करोड़ रुपये की फीस माफ
कोरोना महामारी के चलते विश्वविद्यालय प्रशासन ने 2019-20 और 2020-22 सत्र में 4.73 करोड़ रुपये की फीस माफ की है। इसमें एससी, एसटी, दिव्यांग, आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के छात्रों को विश्वविद्यालय फीस माफ पॉलिसी के तहत राहत दी गई है। फीस माफी का लाभ पीएचडी छात्रों को भी मिला है।
इसके अलावा कोरोना के चलते शिक्षण संस्थान बंद होने पर छात्रों को घर बैठे ऑनलाइन पढ़ाई पर भी 1.43 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। इसके तहत छात्रों को इंटरनेट का खर्चा, स्कॉलरशिप आदि के तहत लाभ दिया गया है।