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लालकिला हिंसा में अभिनेता दीप सिद्धू गिरफ्तार

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दीप सिद्धू - फोटो : Ashram
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नई दिल्ली। राजधानी में 26 जनवरी को लालकिले पर हिंसा के मुख्य आरोपी व अभिनेता दीप सिद्धू को आखिरकार दिल्ली पुलिस की स्पेशल ने सोमवार रात हरियाणा में करनाल के पास गिरफ्तार कर लिया। उस पर हिंसा के लिए प्रदर्शनकारियों को उकसाने व लाल किले पर धार्मिक झंडा फहरवाने का आरोप है। पुलिस ने इसकी गिरफ्तारी के लिए एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया था।
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आरोपी को तीस हजारी कोर्ट में पेश कर सात दिन के रिमांड पर लिया है। पुलिस फिलहाल दीप सिद्धू के मोबाइल को जब्त नहीं कर पाई है, जिसमें से हिंसा की साजिश के तार खुलने की संभावना है। पूछताछ में पता चला है कि आरोपी पूर्णिया, बिहार जाने की कोशिश कर रहा था। इस वक्त उसकी पत्नी व परिवार पूर्णिया में हैं।
स्पेशल सेल डीसीपी संजीव कुमार यादव ने बताया कि दीप सिद्धू को जब गिरफ्तार किया तब वह पूर्णिया जाने की फिराक में किसी का इंतजार कर रहा था। आरोपी अपराध शाखा के केस में वांछित है। ऐसे में उसे कोर्ट में पेश कर अपराध शाखा को सौंप दिया जाएगा। हालांकि हिंसा के मामले में उसके खिलाफ कोतवाली थाने में मामला दर्ज किया गया था, लेकिन बाद में इस मामले को अपराध शाखा में इंस्पेक्टर पंकज अरोड़ा को सौंप दिया गया।
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डीसीपी संजीव यादव ने बताया कि अपराध शाखा के साथ-साथ स्पेशल सेल की टीम भी आरोपी की गिरफ्तारी में जुटी थी। टीम ने बिहार, मुंबई, रांची, हिमाचल प्रदेश और पंजाब के कई इलाकों में दबिश दी, लेकिन वह नहीं मिला था। पूछताछ में पता चला है कि 26 जनवरी के बाद दीप सिद्धू पंजाब, यूपी, हिमाचल और हरियाणा में रुका। वह अपने दोस्तों के मोबाइल फोन से वीडियो फेसबुक पर अपलोड करता था।
उपद्रवियों ने झंडा फहरा दिया था
नए कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग के समर्थन में 26 जनवरी को किसानों ने ट्रैक्टर परेड निकाली थी। तय रूट का उल्लंघन करते हुए प्रदर्शनकारी ट्रैक्टर चलाते हुए लाल किले तक पहुंच गए थे और वहां ध्वजस्तंभ में धार्मिक झंडा लगा दिया था। आरोप है कि दीप सिद्धू ने प्रदर्शनकारियों को उकसाया था। इसका वीडियो भी वायरल हुआ था।
महिला मित्र वीडियो अपलोड कर रही थी
हिंसा के बाद से ही दीप सिद्धू अलग-अलग जगहों से फेसबुक लाइव कर रहा था। उसने किसान नेताओं पर भी गंभीर आरोप लगाए। फेसबुक लाइव में टेक्नीकल हेल्प एक महिला मित्र करती थी, जो विदेश में रहती है। पुलिस से बचने के लिए वह विदेश से वीडियो फेसबुक पर अपलोड करवाता था। हालांकि यह भी बताया जा रहा है कि कुछ वीडियो उसने अपने दोस्तोें के मोबाइल से भी अपलोड किए हैं। इन वीडियो में वह खुद को बेकसूर बताता था। खुद को गद्दार कहे जाने से नाराज सिद्धू ने कुछ दिन पहले फेसबुक लाइव के जरिए किसान नेताओं को धमकी दी थी कि उन्होंने अपना मुंह खोला तो वह किसान आंदोलन की अंदर की बातें सामने लाएगा, जिसके बाद उन्हें भागने का रास्ता भी नहीं मिलेगा।
किसानों ने भी आरोप लगाया था
किसान संगठनों ने लाल किला हिंसा से पल्ला झाड़ते हुए दीप सिद्धू को जिम्मेदार ठहराया था। किसानों का यह भी आरोप था कि सिद्धू भाजपा से जुड़ा है। दरअसल लाल किले की घटना के बाद सिद्धू की गुरदासपुर से भाजपा सांसद और अभिनेता सनी देओल के साथ तस्वीर वायरल होने लगी थी। इस पर सनी देओल ने ट्वीट कर सफाई दी थी कि मेरे या मेरे परिवार का दीप सिद्धू के साथ कोई संबंध नहीं है।
दिल्ली पुलिस ने इनाम घोषित किया था
दिल्ली पुलिस ने दीप सिद्धू, जुगराज सिंह, गुरजोत सिंह और गुरजंत सिंह पर एक-एक लाख रुपये और जसबीर सिंह, बूटा सिंह, सुखदेव सिंह और इकबाल सिंह पर 50-50 हजार का इनाम घोषित किया था। इनमें से सबसे पहले सुखदेव सिंह को चंडीगढ़ से पकड़ा गया। इन दो के अलावा अब तक 125 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
कौन है दीप सिद्धू
पंजाब के मुक्तसर जिले में 1984 में जन्मा दीप सिद्धू नए कृषि कानूनों के खिलाफ हो रहे आंदोलन से जुड़ा। सिद्धू की पहली पंजाबी फिल्म रमता जोगी 2015 में रिलीज हुई थी। वर्ष 2018 में आई दूसरी फिल्म जोरा दास नंबरिया हिट रही थी। उसका ससुराल झारखंड में है।
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने लाल किले और दिल्ली के अन्य हिस्सों में हिंसा के मुख्य आरोपी दीप सिद्धू को गिरफ्तार कर लिया है। उसकी गिरफ्तारी पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। फिलहाल इस मामले में जांच चल रही है।
चिन्मय बिस्वाल, दिल्ली पुलिस के प्रवक्ता
पुलिस ने कहा, पूरे मामले के षड्यंत्र का पर्दाफाश के लिए पूछताछ जरूरी
नई दिल्ली। अदालत ने गणतंत्र दिवस के अवसर पर लाल किले में हुई हिंसा व तिरंगे झंडे के अपमान मामले में अभिनेता दीप सिद्धू को सात दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया। पुलिस ने कहा कि आरोपी पूरे मामले का मुख्य षड्यंत्रकारी है। आरोपी दीप सिद्धू को दोपहर बाद तीस हजारी अदालत स्थित मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट पी. गुप्ता के समक्ष कड़ी सुरक्षा में पेश किया गया। अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता ने अदालत से आरोपी का 10 दिन का रिमांड देने का आग्रह करते हुए बताया कि आरोपी दीप सिद्धू दंगा भड़काने में सबसे आगे था। उन्होंने कहा कि उसके खिलाफ वीडियोग्राफी में काफी साक्ष्य हैं और वह लाठी-डंडे लिए हुए अपने समर्थकों के साथ लाल किले में घुसा था। उसने लोगों को भड़काया जिसके कारण सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचा है।
उन्होंने कहा कि एक षड्यंत्र के तहत ट्रैक्टर मार्च के दौरान तय रूट एवं नियमों का उल्लंघन किया। लाल किले पर एक एक समुदाय का झंडा फहरा कर राष्ट्रीय ध्वज का अपमान किया गया। इस दौरान हुए दंगे के दौरान लाल किले पर 140 पुलिसकर्मी जख्मी हुए थे। आरोपी व उसके साथियों ने पुलिसकर्मियों पर हमला किया।
उन्होंने कहा कि आरोपी से पूछताछ कर उसके साथियों का पता लगाने के अलावा षड्यंत्र में शामिल अन्य आरोपियों का पता करना है। उसके सोशल मीडिया हैंडल करने वालों की पड़ताल करनी है। आरोपी को पंजाब व हरियाणा लेकर जाना है ताकि षड्यंत्र की गहराई का पता लगाया जा सके। उन्होंने कहा कि यह मामला राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा है, ऐसे में उसका रिमांड प्रदान किया जाए।
पुलिस के आग्रह पर अदालत ने वहीं कुछ समय के लिए पूछताछ करने की इजाजत भी दी। उस दौरान दीप सिद्धू से पूछा गया कि उसने लाल किले तक पहुंचने के लिए लोगों को कैसे बुलाया था। उनकी क्या योजना थी। वहीं आरोपी सिद्धू के वकील ने दावा किया कि उसका हिंसा की घटना से कोई लेना-देना नहीं है और वह गलत समय पर गलत जगह पर था।
अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद आरोपी को सात दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया। सिद्धू घटना के बाद फरार हो गया था और पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी में मदद करने वाली कोई भी सूचना देने पर एक लाख रुपये के इनाम की घोषणा कर रखी थी।
26 जनवरी को हजारों की संख्या में प्रदर्शनकारी किसान अवरोधकों को तोड़ कर राष्ट्रीय राजधानी में दाखिल हो गये थे और आईटीओ सहित अन्य स्थानों पर उनकी पुलिस कर्मियों से झड़पें हुई थीं। कई प्रदर्शनकारी ट्रैक्टर चलाते हुए लाल किला पहुंचे थे और ऐतिहासिक स्मारक में प्रवेश कर उसकी प्राचीर पर एक धार्मिक झंडा लगा दिया।
हिंसा के बाद बहुत डर गया था दीप सिद्धू
नई दिल्ली। लालकिले पर हुई हिंसा के बाद पंजाबी अभिनेता दीप सिद्धू बहुत डर गया था। इस डर के चलते व पुलिस से बचने के लिए उसने अपना मोबाइल रास्ते में फेंक दिया था। ये खुलासा दीप सिद्धू ने स्पेशल सेल की पूछताछ में किया है। स्पेशल सेल उसके मोबाइल को बरामद नहीं कर पाई है। दीप सिद्धू का ये भी कहना है कि वह भावुक होकर किसान आंदोलन से जुड़ गया था।
स्पेशल सेल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि दीप सिद्धू ने पूछताछ में बताया है कि अपना मोबाइल फेंकने के बाद वह दोस्तों के मोबाइल से बात करता था। उनके फोन से ही वह वीडियो बनाता और उन्हें महिला मित्र से सोशल मीडिया पर डलवाता था। अब दीप सिद्धू अपराध शाखा की हिरासत में है। अब पुलिस उसकी सहायता करने वाले दोस्तों के बारे में पता लगाएगी। दीप सिद्धू ने ये भी बताया है कि वह किसानों के हक में आंदोलन से जुड़ा था।
दीप सिद्धू का कहना है कि वह किसान नेताओं को उग्र प्रदर्शन नहीं करने के लिए लगातार समझाता रहा। प्रदर्शनकारियों की भीड़ को देखकर उसने कुछ भी समझाने व बोलने से इनकार कर दिया था। जब स्पेशल सेल के अधिकारियों ने उससे पूछा कि वह वीडियो में लोगों को भड़काता दिख रहा है तो दीप सिद्धू ने कहा कि लोगों की भीड़ को दिखाने के लिए उसे ऐसा करना पड़ा था। किसान नेताओं ने उसकी सलाह को नहीं माना तो वह शांत हो गया। दीप सिद्धू का कहना है कि वह किसानों के समर्थन में पहली बार 25 नवंबर को सिंघु बॉर्डर आया था। बॉर्डर पर उसका एक टेंट भी था। इस टेंट में वह अक्सर रुकता था। दीप सिद्धू ने लक्खा सदाना के बारे में काफी खुलासा किया है।
25 को रच ली थी रूट तोड़ने की साजिश
दीप सिद्धू का कहना है कि उसके कारण ही बड़ी संख्या में युवा सिंघु बॉर्डर पर आते थे। पुलिस की जांच में ये बात सामने आई है कि पुलिस के साथ जो रूट तय हुआ था, उसे तोड़ने की 25 जनवरी को ही साजिश रच ली थी। उसका कहना है कि वह किसी कट्टरपंथी किसान संगठन से नहीं जुड़ा है।
आखिरी बार सुखदेव ढाबे के पास देखा गया
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, दीप सिद्धू 26 जनवरी को हिंसा के बाद सिंघु बॉर्डर के रास्ते सोनीपत पहुंचा था। इसके बाद उसे आखिरी बार सुखदेव ढाबे के पास देखा गया था। वहां की सीसीटीवी फुटेज में कैद हुआ है। भागने के दौरान यहीं पर दीप के खिलाफ नारेबाजी हुई थी।
हरियाणा, पंजाब और हिमाचल में फरारी काटी
दिल्ली पुलिस अधिकारियों के अनुसार, दीप सिद्धू ने हरियाणा, पंजाब और हिमाचल प्रदेश में फरारी काटी थी। यहां पर इसने अपने कई ठिकाने बदले थे। आरोपी इन राज्यों में ज्यादातर अपने जानकारों के पास ही रहा है। वह करनाल में गोल्डन हट ढाबे के पास एक ट्रक से उतरा था और यहां कार का इंतजार कर रहा था। यहां से ये पूर्णिया (बिहार) भागने की फिराक में था।
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