इस हमले के दौरान हेड कांस्टेबल रतन लाल की मौत हो गई, जबकि कुछ वरिष्ठ पुलिस अधिकारी घायल हो गए। हेड कांस्टेबल छेत्रपाल सिंह जिनकी सर्विस गन छीन ली गई थी वह चोटों के कारण कोमा में चले गए। तीन आरोपियों की पहचान समीर उर्फ बाली, सुहैल चौधरी और शाहनवाज उर्फ सानू के रूप में हुई है। जो इरफान उर्फ छेनू गिरोह के सदस्य हैं।
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने 2020 में उत्तर पूर्वी में हुए दंगों के दौरान एक पुलिसकर्मी की पिस्टल छीनने के मामले में आरोपी को 3 शूटरों के साथ गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों ने जिस पुलिसकर्मी की पिस्टल छीनी थी वो गंभीर रूप से घायल हो गये थे। आलम यह है कि आज वो पुलिसकर्मी बिस्तर पर है
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इस हमले के दौरान हेड कांस्टेबल रतन लाल की मौत हो गई, जबकि कुछ वरिष्ठ पुलिस अधिकारी घायल हो गए। हेड कांस्टेबल छेत्रपाल सिंह जिनकी सर्विस गन छीन ली गई थी वह चोटों के कारण कोमा में चले गए। तीन आरोपियों की पहचान समीर उर्फ बाली, सुहैल चौधरी और शाहनवाज उर्फ सानू के रूप में हुई है। जो इरफान उर्फ छेनू गिरोह के सदस्य हैं।
स्पेशल सेल के डीसीपी प्रमोद कुशवाहा ने बताया कि 3 सितंबर को इंस्पेक्टर रविन्द्र त्यागी की टीम को सूचना मिली कि छेनू गैंग का शूटर सुहैल चौधरी शाहदरा में किसी वारदात को अंजाम देने वाला है। इसके बाद पुलिस ने ट्रैप लगाकर सुहैल चौधरी और उसके साथी शाहनवाज को गिरफ्तार कर लिया। दोनों के पास से 2 पिस्टल और 8 कारतूस बरामद किया गया है।
पुलिस ने बताया कि शाहिद उर्फ शाहबाज तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की भारत यात्रा के दौरान हुए दंगों में सक्रिय रूप से शामिल था। वह 24 फरवरी, 2020 को दिल्ली के दयालपुर के चांद बाग में हुए दंगों का हिस्सा था। उसने हेड कांस्टेबल छेत्रपाल की सरकारी पिस्तौल लूट ली थी, जिन पर दंगाइयों ने हमला किया था। इस हमले में एक डीसीपी, एसीपी और कई पुलिस अधिकारी गंभीर रूप से घायल हो गए थे। दंगे के दौरान घायल हेड कांस्टेबल रतन लाल ने दम तोड़ दिया था। हेड कांस्टेबल छेत्रपाल जिनकी पिस्तौल आरोपी ने छीन ली थी, उन्हें भी कई गंभीर चोटें आई और वह इस समय कोमा में हैं।