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अपहरण व दुष्कर्म मामले में पीड़िता के विरोधाभासी बयानों के आधार पर आरोपी को मिली जमानत

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नई दिल्ली। हाईकोर्ट ने नाबालिग के अपहरण व दुष्कर्म के मामले में पीड़िता के बयानों व अन्य तथ्यों को संदेह के दायरे में लेते हुए आरोपी अरुण को जमानत दे दी है। अदालत ने कहा कि पीड़िता के विरोधाभासी पूर्ण बयानों के आधार पर आरोपी जमानत पाने का हकदार है।
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न्यायमूर्ति सुरेश कैत ने अपने फैसले में कहा कि इसमें कोई दो राय नहीं है कि घटना के समय पीड़िता नाबालिग थी लेकिन उसके द्वारा बार-बार बयानों में विरोधाभास पाया गया है। उसने पहले कहा कि आरोपी को वह पहले से जानती नहीं थी और उसके पड़ोस में रहने वाला आकाश उसे अरुण के घर ले गया था जबकि पीड़िता के मोबाइल फोन रिकॉर्ड से स्पष्ट है कि वे दोनों काफी दिनों से एक दूसरे से बात करते थे।
इसी प्रकार पीड़िता ने अपने बयान में यह भी कहा है कि वह अपने ससुर के साथ दिल्ली गई थी। इससे साफ है कि वह आरोपी को पति मानकर ही ऐसा कह रही है लेकिन अभियोजन पक्ष दोनों के विवाह की एक भी फोटो पेश नहीं कर पाए। इसके अलावा अरुण अपने घर में पिता के अलावा दो विवाहित बहनों व बहनोई के साथ रह रहा था। उनका मकान भी अत्यधिक भीड़ वाले इलाके में है। ऐेसे में उसने कभी भी शोर मचा कर पड़ोस से सहायता नहीं मांगी।
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इसके अलावा मेडीकल रिपोर्ट में दुष्कर्म की पुष्टी नहीं हुई। ऐसे में उनका मानना है कि उसका अपहरण हुआ या मारपीट, यह ट्रायल कोर्ट का मामला है लेकिन उनका मानना है कि विरोधाभासी बयान के आधार पर आरोपी जमानत का हकदार है।
अदालत ने आरोपी को दस हजार के व्यक्तिगत मुचलके व एक अन्य जमानत राशि पर रिहा करने का निर्देश दिया है। अदालत ने उसे प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से पीड़िता से संपर्क न करने का भी निर्देश दिया है।
पीड़िता ने सिम भी तोड़ दी थी
इससे पूर्व बचाव पक्ष ने तर्क रखा कि उनके मुवक्किल को फर्जी मामले में फंसाया गया है। पीड़िता के परिवार के सदस्य उसका जबरन पैसे के लालच में किसी दिव्यांग व्यक्ति से विवाह करना चाहते थे। इसी कारण उसने आकाश के साथ घर छोड़ दिया। आकाश उसे लेकर अरुण के घर गया। अरुण ने उसे अपने माता-पिता के घर जाने को कहा कि तो उसने धमकी दी कि यदि उसे घर में नहीं रहने दिया तो वह आत्महत्या कर लेगी। इतना ही नहीं पीड़िता ने अपने मोबाइल की सिम भी स्वयं तोड़ दी ताकि उसके परिवार के सदस्य उसे न ढूंढ पाए। वहीं पुलिस ने कहा कि आरोपी जबरन उसे अपने घर में रखे हुए था और एक मंदिर में विवाह कर लिया था।
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