आर्थिक अपराध शाखा ने कंपनी में निवेश करने का झांसा देकर 3.78 करोड़ की ठगी करने वाले आरोपी राहुल पाल को गिरफ्तार किया है। उसके खिलाफ 21 निवेशकों ने आर्थिक अपराध शाखा में ठगी की शिकायत की थी। आरोपी ने 25 महीनों तक लगभग 10 फीसदी से ज्यादा मासिक रिटर्न देने का झांसा देकर 3.78 करोड़ की ठगी की वारदात को अंजाम दिया।
शाखा पुलिस उपायुक्त मोहम्मद इरशाद हैदर ने बताया कि शिकायतकर्ताओं ने आरोपी राहुल पाल और अन्य लोगों पर क्राइपिक प्राइवेट लिमिटेड नाम की कंपनी की स्कीमों में ऑनलाइन पैसे निवेश के लिए उकसाया। आरोपियों ने 25 महीनों तक लगभग 10 फीसदी से ज्यादा मासिक रिटर्न देने का झांसा देकर 3.78 करोड़ की ठगी की। आरोपियों के झांसे में आकर 21 निवेशकों ने करीब 3.78 करोड़ रुपये से ज्यादा का निवेश किया। शुरू में निवेशकों का भरोसा जीतने के लिए आरोपियों ने रिटर्न का भुगतान किया और बाद में उन्हें रिटर्न को फिर से निवेश करने और और निवेशकों को लाने के लिए उकसाया। पैसे आने के बाद आरोपी ने भुगतान करना बंद कर दिया। उन्होंने न तो वादा किया गया रिटर्न दिया और न ही मूल राशि लौटाई। इसके बाद सभी आरोपी भाग गए। शुरुआती जांच के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया।
जांच में पता चला कि आरोपियों ने ठगी करने की नीयत से शिकायतकर्ताओं से संपर्क किया और उन्हें विभिन्न स्कीमों में पैसे निवेश करने के लिए उकसाया। आरोपी राहुल पाल ने मामला दर्ज होने के बाद अदालत में अग्रिम जमानत के लिए अर्जी डाली लेकिन अदालत ने उसे खारिज कर दिया। पुलिस अधिकारी ने बताया कि आरोपी राहुल पाल मूलत: कानपुर से लॉ ग्रेजुएट है। वह पिछले छह साल से क्राइपिक प्राइवेट लिमिटेड नाम की कंपनी से जुड़ा हुआ है।