-रील नहीं, रियल उपलब्धियों से लिखा छात्रसंघ का कार्यकाल
-डूसू पदाधिकारियों केे कार्यकाल की औपचारिक समाप्ति हुई
-एबीवीपी से डूसू में उपाध्यक्ष भानु प्रताप सिंह और सचिव मित्रविंदा ने एक साल में अपने कार्यकाल में किए गए कार्यों की जानकारी दी
-पदाधिकारियों ने कहा कि हमने विश्वविद्यालय को चौथे वर्ष में प्रवेश की व्यवस्था, पूर्वी व पश्चिमी कैंपस की आधारशिला रखवाना समेत अन्य फैसले लेने पर बाध्य किया
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली विवि छात्र संघ चुनाव का बिगुल बजते ही छात्र संगठन सक्रिय हो गए हैं और अपनी उपलब्धियों का बखान शुरू कर दिया है। अपने काम की ताल ठोंकते हुए मंगलवार को एबीवीपी के डूसू पदाधिकारियों ने अपने एक साल के कार्यकाल में किए गए कार्यों को गिनवाया। कहा कि हमने रील नहीं, रियल उपलब्धियों से छात्रसंघ का कार्यकाल लिखा है। हमने विश्वविद्यालय को चौथे वर्ष में प्रवेश की व्यवस्था, पूर्वी व पश्चिमी कैंपस की आधारशिला रखवाना समेत अन्य फैसले लेने पर बाध्य किया।
दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ का कार्यकाल मंगलवार को समाप्त हो गया। ऐसे में एबीवीपी-डूसू की ओर से एक प्रेस वार्ता आयोजित की गई। इसमें डूसू की ओर से 2024-25 के सकारात्मक कार्यों का ब्यौरा दिया गया। प्रेस कांफ्रेंस में डूसू उपाध्यक्ष भानुप्रताप सिंह, सचिव मित्रविंदा कर्णवाल, एबीवीपी की राष्ट्रीय मंत्री शिवांगी खरवाल, प्रांत मंत्री सार्थक शर्मा उपस्थित रहे। डूसू पदाधिकारियों ने दावा किया कि केंद्रीयकृत हॉस्टल आवंटन प्रणाली लागू कराना, आंतरिक शिकायत समिति को प्रभावी बनवाने, एक कोर्स एक शुल्क की नीति पर दबाव बनाने, फीस बढ़ोतरी का विरोध कर रहे छात्रों को राहत दिलाने के लिए प्रशासन को बाध्य किया।
डूसू सचिव मित्रविंदा कर्णवाल ने कहा, हमारे कार्यकाल की औपचारिक समाप्ति हो रही है। हमने छात्रों से किए अधिकांश वादों को पूरा किया है। केंद्रीकृत हॉस्टल आवंटन प्रणाली, आंतरिक शिकायत समिति का प्रभावी क्रियान्वयन, एक कोर्स- एक शुल्क की नीति को लागू करने की दिशा में ठोस कदम उठाया। फीस वृद्धि का विरोध करते हुए छात्रों को राहत दिलाना बड़ी उपलब्धियां रही हैं। भविष्य में भी छात्रहित से जुड़े हर मुद्दे पर संघर्ष करते रहेंगे और समाधान दिलाने तक पीछे नहीं हटेंगे।
डूसू उपाध्यक्ष भानु प्रताप सिंह ने कहा यह कार्यकाल इस बात का प्रमाण है कि छात्रसंघ केवल कागज़ी उपलब्धियों तक सीमित नहीं है, बल्कि धरातल पर छात्रों की वास्तविक आवाज़ बन सकता है। चाहे बॉन्ड की नीति का विरोध हो, अप्रत्यक्ष चुनावों के प्रयास को विफल करना हो या फिर छात्रों की रोज़मर्रा की समस्याओं का समाधान को लेकर डूसू ने निर्णायक भूमिका निभाई है। एबीवीपी के प्रांत मंत्री सार्थक शर्मा ने कहा, डूसू इन कैंपस अभियान से लेकर 4,000 से अधिक विद्यार्थियों की समस्याओं का प्रत्यक्ष समाधान, रेंट कंट्रोल अधिनियम की मांग, विशेष बस सेवा की शुरुआत, तथा अकादमिक अवसरों के विस्तार ने इस कार्यकाल को ऐतिहासिक बना दिया।