नई दिल्ली। कोरोना के कारण डेढ़ साल से बंद जेएनयू कैंपस खुलते ही रविवार रात छात्र संगठनों में बैठक स्थल के मुद्दे पर कहासुनी औरमारपीट के बाद मामला थाने तक पहुंच गया। वामपंथी छात्र संगठनों के कार्यकर्ता और एबीवीपी से जुड़े छात्र एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हैं। पुलिस ने दोनों पक्षों की ओर से केस दर्ज किया है। एबीवीपी ने इस घटना के विरोध में सोमवार शाम कैंपस स्थित साबरमती टी-प्वाइंट से लेकर मेन गेट तक विरोध मार्च निकाला। इस दौरान आइसा समेत अन्य वामपंथी छात्र संगठनों के खिलाफ नारेबाजी की गई। उधर, विश्वविद्यालय प्रशासन भी मामले की जांच कर रहा है।
दक्षिण पश्चिम जिला पुलिस उपायुक्त गौरव शर्मा के मुताबिक, कैंपस स्थित स्टूडेंट एक्टिविटी सेंटर में रविवार रात एबीवीपी की यूनिट बैठक थी। इस दौरान अचानक जेएनयू छात्रसंघ के पूर्व कार्यकर्ता (विश्वविद्यालय ने डेढ़ साल पहले ही जेएनयू छात्रसंघ को भंग कर दिया है) जबरन कमरे में घुस गए और एबीवीपी कार्यकर्ताओं को कमरा खाली करने को कहा। दोनों पक्षों में इस मुद्दे पर विवाद शुरू हो गया। कहासुनी के बाद धक्कामुक्की और मारपीट से होते हुए मामला थाने तक पहुंच गया। मारपीट के कई वीडियो भी सोशल मीडिया पर शेयर हो रहे हैं। आइसा के कार्यकर्ताओं ने घटना के बाद विरोध दर्ज करवाया। गंगा ढाबा के पास वामपंथी छात्र संगठनों से जुड़े छात्र इकट्ठे हए और एबीवीपी के खिलाफ नारेबाजी की।
छात्रों से अपील, किसी भी अफवाह में न आएं
जेएनयू प्रशासनने छात्र गुटों के बीच हिंसा की घटना की निंदा की है। चीफ प्रोक्टर ने छात्रों के नाम नोटिस जारी किया है। इसमें लिखा है कि कैंपस का माहौल बिल्कुल शांत है। छात्रों से अपील है कि वे किसी भी अफवाह में न आएं। कैंपस में छात्रों के आयोजन के लिए स्टूडेंट एक्टिविटी सेंटर बना हुआ है। कोई भी छात्र विश्वविद्यालय नियमों के तहत वहां आ-जा सकता है। छात्रों से उम्मीद की जाती है कि वे जिम्मेदारी और सभ्य तरीके से व्यवहार करेंगे। किसी को भी कैंपस का माहौल खराब करने की अनुमति नहीं है।
जिस कमरे में एबीवीपी की बैठक हो रही थी, वहां पहले से ही किसी अन्य की बुकिंग थी। इसलिए हमने कहा कि आपके संगठन की बैठक किसी अन्य कमरे में आयोजित हो सकती है। इसलिए वह इस जगह को खाली कर दें, लेकिन वो सुनने के लिए तैयार नहीं थे, इसी बात पर मारपीट शुरू कर दी।
-आईषी घोष, पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष व आइसा कार्यकर्ता।
स्टूडेंट फेसिलिटी सेंटर में एबीवीपी की जेएनयू यूनिट की बैठक चल रही थी। इसी भवन में जेएनयू छात्रसंघ का भी कमरा है। आइसा व अन्य वामपंथी गुटों के कार्यकर्ता हमारी बैठक में जबरन घूस आए। हमें कमरे से बाहर निकालने के लिए धक्कामुक्की शुरू कर दी। कुर्सियां उठाकर छात्रों पर फेंकी गई। प्रशासन से मांग करते हैं कि वे मामले की जांच के आधार पर कार्रवाई करे।
- शिवम चौरसिया, अध्यक्ष, एबीवीपी जेएनयू