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स्पांसरशिप की तलाश: 50 से अधिक अंतरराष्ट्रीय शोध प्रस्ताव हासिल करने वाले अभिषेक नोबल प्राइज जीत करना चाहते देश का नाम रोशन 

Mon, 14 Jun 2021 08:21 PM IST
सुशील कुमार कुमार अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली

सार

टीआईईटी पटियाला में मैकेनिकल इंजीनियरिंग के तीसरे वर्ष के छात्र अभिषेक अग्रहरी (21) फिजिक्स और गणित के क्षेत्र में शोध कर देश के लिए नोबल पुरस्कार और फील्ड मेडल जीतना चाहते हैं।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
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विस्तार
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विज्ञान और गणित की विधाओं में 55 अंतरराष्ट्रीय शोध प्रस्ताव हासिल करने वाले मयूर विहार फेज-3 के अभिषेक को प्रायोजकों की तलाश है। आर्थिक संकट से जूझ रहा अभिषेक का परिवार उन्हें शोध करा पाने में सक्षम नहीं है। 
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टीआईईटी पटियाला में मैकेनिकल इंजीनियरिंग के तीसरे वर्ष के छात्र अभिषेक अग्रहरी (21) फिजिक्स और गणित के क्षेत्र में शोध कर देश के लिए नोबल पुरस्कार और फील्ड मेडल जीतना चाहते हैं। कोरोना महामारी के दौरान पिछले एक साल के भीतर अभिषेक को अमेरिका, ब्रिटेन, यूरोप, जापान और 17 अन्य देशों के शीर्ष शिक्षण संस्थानों से विज्ञान और गणित की विधाओं में 55 से अधिक अंतरराष्ट्रीय शोध प्रस्ताव मिले हैं। 

जनवरी 2022 से उन्हें दुनियाभर के इन प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों का दौरा करना है। लेकिन आर्थिक संकट इनके रास्ते में रुकावट बन रही है। पिछले साल ल़ॉकडाउन में पिता की नौकरी छूटने के बाद से परेशानियां बढ़ गयी हैं। इस दौरान वह शुद्ध, अनुप्रयुक्त गणित, संघनित पदार्थ भौतिकी, सामग्री विज्ञान, रसायन विज्ञान और रासायनिक जीव विज्ञान जैसे अनुसंधान विषयों पर आठ संस्थानों के साथ दूरस्थ तरीके से जुड़कर काम कर रहे हैं। साल 2019 में उन्होंने डेढ़ महीने डीआरडीओ के साथ काम करने का मौका मिला था। दो महीने बाद वह इसरो के साथ जुड़कर शोधकार्य करेंगे।
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दो विषयों में एक साथ शोध प्रस्ताव दुर्लभ
अभिषेक ने बताया कि विज्ञान और गणित दोनों विषयों में शोध प्रस्ताव प्राप्त करना दुर्लभ है, लेकिन उन्हें यह प्रस्ताव मिला है। लेकिन उन्हें अपने शोध के लिए अन्य स्रोतों से अध्ययन करना होगा, क्योंकि जिन विषयों पर वह ध्यान केंद्रित कर रहे हैं वो उन्हें स्नातक स्तर पर पढ़ाया नहीं जाता। इसके लिए उन्हें शोध पोस्ट डॉक्टरल और पीएचड करना होगा। वर्तमान में वो दूरस्थ तरीके से मियामी विश्वविद्यालय, रटगर्स विश्वविद्यालय और ऑस्ट्रेलिया राष्ट्रीय विश्वविद्यालय में शुद्ध गणित व इम्पीरियल कॉलेज और ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के साथ ब्लैक होल के निर्माण पर काम कर रहे हैं।

 
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इंजीनियरिंग के दौरान कर रहे शोध
इसके अलावा वह फिजिक्स में द्रव यांत्रिकी के व्यापक क्षेत्रों में अनुसंधान, द्रव-संरचना के अंत: क्रिया सिद्धांत, प्लाज्मा भौतिकी, जल तरंग यांत्रिकी, गतिज सिद्धांत, गणितीय सामान्य सापेक्षता, ब्लैक होल, गैर रेखीय तरंगों के अचानक गुरुत्वाकर्षण के पतन के कारण ब्लैक होल का निर्माण, गणित में गेज सिद्धांत, समरूपता, स्ट्रिंग सिद्धांत, क्वांटम क्षेत्र सिद्धांत की डिफरेंशियल ज्यॉमेट्री, स्टैटिस्टिक्स, लो डायमेंशनल टोपोलॉजी, बीजीय ज्यॉमेट्री और एनालिसिस तक शुद्ध गणित के लगभग सभी पहलुओं पर भी काम कर रहे हैं। अभिषेक को विश्वास है कि उनका अनुसंधान कुछ साल बाद फील्ड्स और नोबेल के लिए मार्ग प्रशस्त करेगा।
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