जोर-जबरदस्ती के बाद पीजी में 9 वर्षीय बच्ची की हत्या
नई दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली में एक बार फिर बच्चियों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। पूर्वी दिल्ली के शकरपुर इलाके में इंसानियत को शर्मसार करने वाली वारदात हुई। 9 वर्षीय बच्ची से जोर-जबरदस्ती के बाद उसकी गला घोंटकर हत्या कर दी गई। वह माता-पिता के साथ ब्वॉयज पीजी (लड़कों के पेइंग गेस्ट हॉस्टल) में रहती थी। इसके माता-पिता यहां घरेलू सहायिका की नौकरी करते हैं। शुक्रवार दोपहर मासूम को पीजी में अचेत पड़ा देखकर परिवार उसे नजदीकी वालिया नर्सिंग होम ले गया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया। जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी बच्ची से जोर-जबरदस्ती की पुष्टि कर रहे हैं, लेकिन दुष्कर्म हुआ या नही, इसके लिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने तक का इंतजार कर रहे हैं। शकरपुर थाना पुलिस ने शक के आधार पर पीजी के केयर टेकर (ठेकेदार) वसीम अहमद उर्फ सोनू (25) को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस पीजी के बाकी लड़कों से भी पूछताछ कर रही है।
पुलिस के मुताबिक, मूलरूप से नेपाल की रहने वाली सपना (9) (परिवर्तित नाम) परिवार के साथ शकरपुर स्थित एक पीजी में पिछले काफी समय से रहती थी। इसके परिवार में माता-पिता के अलावा तीन बड़े भाई और 11 माह की एक छोटी बहन भी है। सपना स्कूल नहीं जाती थी, लेकिन पास में एक युवती के पास ट्यूशन पढ़ती थी। पीजी शकरपुर में ही रहने वाले एक जैन परिवार का है। वसीम अहमद नामक युवक ने उसे ठेके पर ले रखा है। पीजी में 30-35 छात्र रहकर पढ़ाई कर रहे हैं। सपना का परिवार ग्राउंड फ्लोर पर बने एक कमरे में रहता है। शुक्रवार दोपहर सपना की मां ऊपर की मंजिल पर काम के लिए गई थी और पिता भी किसी काम से बाहर था। वह अपनी छोटी बहन के साथ कमरे में अकेली थी। कुछ देर बाद मां कमरे में पहुंची तो सपना अचेत पड़ी थी।
बच्ची की हालत देखकर अस्पताल ने उसकी मौत पर शक जाहिर कर पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम लिए भेजा। शनिवार को पोस्टमार्टम के दौरान खुलासा हुआ कि मासूम को गला घोंटकर मारा गया है। उसके शरीर पर खरोंच के निशान भी मिले। बच्ची के साथ दुष्कर्म हुआ या नहीं, फिलहाल डॉक्टरों ने यह रिपोर्ट नहीं दी है। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिवार को सौंप दिया। प्रारंभिक जांच के बाद पुलिस ने पीजी के केयर टेकर वसीम अहमद को गिरफ्तार कर लिया है। उससे पूछताछ की जा रही है। जिला पुलिस उपायुक्त जसमीत सिंह का कहना है कि जल्द घटना का खुलासा कर दिया जाएगा।
पड़ोसी महिला ने सुनी थी बच्ची की चीख
हत्या से पूर्व पीजी के सामने रहने वाली एक महिला ने सपना के चीखने की आवाज सुनी थी। महिला दौड़कर अपनी बालकनी में आई तो उसने देखा कि केयर टेकर वसीम अहमद उर्फ सोनू बाइक लेकर बहुत जल्दबाजी में वहां से निकला था। हत्याकांड के बाद जब पुलिस मौके पर पहुंची तो महिला ने पुलिस को बयान दिया। बच्ची के परिजनों ने पुलिस को बताया है कि आरोपी अक्सर उसी समय पीजी में आता था जब वह व्यस्त होते थे। वह बच्ची से हंसी-मजाक भी करता था। पुलिस ने इसी शक के आधार पर वसीम को गिरफ्तार कर उससे पूछताछ शुरू कर दी है।
वसीम ने कभी नहीं किया अपने असली नाम का जिक्र
पुलिस को वसीम का कोई पुराना आपराधिक रिकॉर्ड नहीं मिला है, लेकिन पड़ोसियों का कहना है कि वसीम संदिग्ध किस्म का युवक है। आरोपी को सभी सोनू के नाम से ही जानते थे। उसका असली नाम वसीम अहमद है, यह इलाके के लोगों को शुक्रवार ही पता चला। उसने कभी अपने असली नाम का जिक्र नहीं किया। वसीम ने इलाके में एक और पीजी का ठेका ले रखा है।
बेहद हंसमुख थी मासूम
बच्ची की यह हालत देखकर कई पड़ोसियों की आंखों से आंसू छलक आए। मौत की खबर मिलते ही आसपास रहने वाले लोगों की भारी भीड़ पीजी के बाहर इकट्ठा हो गई। लोगों का कहना था कि मासूम बेहद हंसमुख थी। आते-जाते लोगों को नमस्ते करना नहीं भूलती थी। पड़ोस के छोटे-छोटे बच्चों को वह खूब खिलाती थी। बच्ची की मौत के बाद से उसके माता-पिता व भाइयों का रो-रोकर बुरा हाल है।