नई दिल्ली। दिल्ली के सरकारी स्कूलों में मंगलवार को 9वीं और 11वीं कक्षा का परिणाम घोषित कर दिया गया। कोरोना के बढ़ते संक्रमण के कारण वार्षिक परीक्षाएं नहीं हो सकी थीं। ऐसे में विद्यार्थियों के मिड टर्म और आंतरिक मूल्यांकन के आधार पर परिणाम जारी किया गया है। इसी आधार पर विद्यार्थियों को अगली कक्षाओं मेें प्रमोट किया गया है। 9वीं में 80.3 फीसदी और 11वीं में 96.9 फीसदी विद्यार्थी उत्तीर्ण घोषित किए गए हैं।
पहली बार विद्यार्थी अपना रिजल्ट शिक्षा निदेशालय की अधिकारिक वेबसाइट पर भी देख सकते हैं। इस बार स्कूलों ने अपने विद्यार्थियों को व्हाट्सएप और एसएमएस के माध्यम से भी परिणाम भेजा है। इसको लेकर बीते दिनों दिल्ली सरकार ने दिशा-निर्देश जारी कर कहा था कि कोई भी स्कूल विद्यार्थियों को रिजल्ट के लिए स्कूल नहीं बुलाएगा। विद्यार्थियों को एसएमएस और व्हाट्सएप के माध्यम से भी रिजल्ट भेजने के लिए निर्देशित किया गया था।
शैक्षणिक सत्र 2020-21 में 9वीं कक्षा में लगभग 2.58 लाख विद्यार्थी पंजीकृत थे। इनमें से 2.45 लाख विद्यार्थियों ने मिड टर्म परीक्षाएं दीं। चूंकि परिणाम का आधार मिड टर्म और आंतरिक मूल्यांकन को बनाया गया है। ऐसे मेें इस आधार पर 1.97 लाख विद्यार्थी प्रमोट हुए हैं। इस तरह से 9वीं का पास प्रतिशत 80.3 फीसदी रहा है। पिछले साल मुख्य परीक्षा में 65 फीसदी बच्चे पास हुए थे। प्रोजेक्ट आधारित पुर्नमूल्यांकन के बाद परिणाम 85 फीसदी हो गया था।
सत्र 2020-21 के तहत 11वीं कक्षा के लिए 1.70 लाख विद्यार्थी पंजीकृत थे। इनमें से 1.69 लाख विद्यार्थी परीक्षा में शामिल हुए और 1.65 लाख विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए। इस तरह से 11वीं का पास प्रतिशत 96.9 फीसदी रहा है। सत्र 2019-20 सत्र में कंपार्टमेंट परीक्षा के बाद 99.25 विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए थे। 11वीं की भी परीक्षाएं नहीं होने के कारण रिजल्ट का आधार मिड टर्म परीक्षा और आंतरिक मूल्यांकन को बनाया गया है।
दो विषयों के सर्वश्रेष्ठ अंकों के आधार पर दिए नंबर
जिन विषयों के मिड टर्म नहीं हुए या जिन विषयों की मिड टर्म परीक्षा विद्यार्थियों ने नहीं दी, उनमें अंक देने के लिए दो विषयों के सर्वश्रेष्ठ अंकों के आधार पर अंक देने का फॉर्मूला लगाया गया। कक्षा 9वीं में सामाजिक अध्ययन और तीसरी भाषा की परीक्षाएं और कक्षा 11वीं में भूगोल और बिजनेस स्ट्डीज की मिड टर्म परीक्षाओं का आयोजन नहीं हो पाया था। ऐसे में इन विषयों में विद्यार्थियों को उनके दो सर्वश्रेष्ठ अंकों वाले विषयों में प्राप्त औसत अंक प्रदान किए गए। इसी फॉर्मूले को उन विषयों के लिए लगाया गया, जिसकी परीक्षाएं विद्यार्थियों ने नहीं दी थी।
जिन्होंने परीक्षाएं नहीं दीं, उनका प्रोजेक्ट आधारित फिर मूल्यांकन
9वीं कक्षा में लगभग 12,500 और 11वीं कक्षा में 3500 ऐसे विद्यार्थी थे, जिन्होंने एक भी मिड टर्म परीक्षा में भाग नहीं लिया। ऐसे सभी विद्यार्थियों जिन्होंने परीक्षा नहीं दी थी या जो अनुत्तीर्ण रहे हैं, उनके लिए प्रोजेक्ट बेस्ड पुर्नमूल्यांकन किया जाएगा। यह कक्षा आधारित असाइनमेंट या प्रोजेक्ट वर्क के आधार पर होगा। इस संबंध में शिक्षा निदेशालय जल्द ही जानकारी अपनी अधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड करेगा। बीती 10 जून को उपमुख्यमंत्री व शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने 9वीं व 11वीं की परीक्षाएं रद्द कर विद्यार्थियों को मिड टर्म के आधार पर अगली कक्षाओं में प्रमोट किए जाने की घोषणा की थी। इससे पहले नो-डिटेंशन पॉलिसी के तहत केजी से आठवीं तक के विद्यार्थियों को अगली कक्षाओं में प्रमोट किया जा चुका है।