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फंगस : छह दिन में 550 मरीजों को किया भर्ती, दवाई की कमी बनी आपत, केवल 10 फीसदी ही मिल रही

Sun, 30 May 2021 11:08 PM IST
सुशील कुमार कुमार अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली

सार

मरीजों की संख्या बढ़ने के बाद भी एंटी फंगस दवा की कमी आफत बन गई है। मांग की तुलना में 10 फीसदी दवा आपूर्ति की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, 23 मई को 200 मामले, 24 मई को 75, 25 मई को 70 और 26 मई को 153 मामले सामने आए।
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Black fungus - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कोरोना वायरस की लहर कम होने लगी है, लेकिन दिल्ली में फंगस महामारी की लहर सामने आने लगी है। स्थिति यह है कि छह दिन में ही 550 मरीजों को फंगस होने पर भर्ती कराया है। जबकि 23 से 28 मई के बीच 498 मामले दर्ज किए गए हैं। 

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मरीजों की संख्या बढ़ने के बाद भी एंटी फंगस दवा की कमी आफत बन गई है। मांग की तुलना में 10 फीसदी दवा आपूर्ति की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, 23 मई को 200 मामले, 24 मई को 75, 25 मई को 70 और 26 मई को 153 मामले सामने आए। इसके बाद तीन दिन में 68 से भी ज्यादा केस मिले हैं। इसी के साथ ही फंगस के कुल मामले 800 पार हो चुके हैं। 

पिछले एक सप्ताह में मामलों में तेजी ने अब राष्ट्रीय राजधानी के अस्पतालों में संक्रमण के इलाज में इस्तेमाल होने वाली प्रमुख दवा एम्फोटेरिसिन बी के लिए मारामारी शुरू हो चुकी है। दिल्ली के स्वास्थ्य विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि एक दिन में एम्फ़ोटेरिसिन बी की 350 से अधिक शीशियां नहीं मिल रही हैं।
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जबकि फंगस के इलाज के लिए मरीजों की संख्या को देखते हुए एक दिन में कम से कम 3,000 शीशियों की मांग है। स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, दिल्ली को बीते एक दिन में एम्फोटेरिसिन बी की 3,850 शीशियां मिलीं, जबकि सप्ताह में 30,000 शीशियों की मांग है। 

सर गंगाराम अस्पताल के चेयरमेन डॉ. डीएस राणा के अनुसार अब तक उनके यहां 60 से ज्यादा मरीज भर्ती किए जा चुके हैं। पिछले एक सप्ताह में केस ज्यादा तेजी से बढ़ रहे हैं। इनके अलावा जीटीबी में 75 और लोकनायक अस्पताल में 70 से ज्यादा मरीज भर्ती हैं। अब तक दिल्ली में 20 लोगों की मौत हो चुकी है। जबकि सरकार ने सार्वजनिक तौर पर फंगस से मरने वालों की जानकारी नहीं दी है।

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