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जेटएयरवेज के कर्मचारियों ने कड़े किए अपने तेवर, प्रदर्शन कर सरकार से पूछे सवाल

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जेट कर्मियों के तेवर कड़े, नोटा की चेतावनी
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जंतर-मंतर पर निकाला कैंडल मार्च, सरकार से कंपनी को बचाने की गुहार
- पीएम पर समस्या सुनने के लिए समय न देने का भी आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। जेट एयरवेज के कर्मचारियों ने शनिवार को एक बार फिर सरकार से कंपनी को बचाने की गुहार लगाई है। कर्मचारियों ने अपने तेवर कड़े कर लिए हैं और सरकार के रवैये पर सवाल भी उठाए हैं। जंतर-मंतर पर सैकड़ों कर्मचारियों ने कैंडल मार्च निकाला।
कर्मचारियों ने कहा कि उन्होंने सरकार तक हर मुमकिन तरीके से अपनी बात पहुंचाई है, लेकिन उस पर कोई कदम नहीं उठाया गया। कर्मचारियों ने सवाल उठाया कि बिडिंग पूरी होने तक बैंकों ने एयरलाइन को फंड क्यों नहीं दिया? क्या उन्हें लगता है कि बिडिंग की प्रक्रिया असफल रह जाएगी? एयरवेज में बतौर इंजीनियर काम करते हुए आधी जिंदगी गुजार देने वाले विजय झा ने बताया कि उन्हें चार महीने से वेतन नहीं मिला है। ऐसे में उन्हें घर के मामूली खर्चे निपटाने में भी मुश्किल हो रही है। उन्होंने कहा कि कंपनी किस तरह और कब उनका बकाया वेतन देगी, इसकी कोई जानकारी नहीं है। कर्मचारियों ने न केवल सरकार, बल्कि विपक्ष पर भी उनकी सहायता न करने का आरोप लगाया।
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कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि सरकार और विपक्ष ने उनकी मांगों को अनदेखा किया तो आगामी लोकसभा चुनाव में वे नोटा का बटन दबाएंगे। कर्मचारियों ने प्रधानमंत्री मोदी पर सवाल उठाते हुए कहा कि उनके पास ट्विंकल खन्ना के ट्वीट का जवाब देने और अक्षय कुमार से बातें करने का समय है, लेकिन हजारों लोगों की समस्या सुनने के लिए नहीं। कंपनी में बतौर इंजीनियर कार्यरत चंदन कुमार ने सुब्रह्मण्यम स्वामी का हवाला देते हुए सरकार पर जेट एयरवेज को नुकसान पहुंचाकर स्पाइस जेट को फायदा पहुंचाने का आरोप लगाया। कई कर्मचारियों ने कहा कि स्पाइस जेट में कई भाजपा नेताओं का निवेश है। इस कारण अन्य एयरलाइंस को साजिश का शिकार बनाया जा रहा है।
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