नई दिल्ली। कोरोना संक्रमण से बचने के लिए दिल्ली सरकार के गैर जरूरी सेवाओं से जुड़े 50 फीसदी कर्मचारी आगामी सोमवार से 30 दिसंबर तक घरों से काम करेंगे। यानी हर दिन आधे कर्मचारी ही दफ्तरों में आएंगे। दिल्ली सरकार के प्रस्ताव को उपराज्यपाल अनिल बैजल ने शनिवार देर शाम मंजूरी दे दी है। यह नियम स्वास्थ्य, स्वच्छता, पुलिस, आपदा प्रबंधन सिविल डिफेंस, होम गार्ड, बिजली, जलापूर्ति सरीखी बेहद जरूरी सेवाओं पर लागू नहीं होगा। एक माह बाद हालात में कुछ बदलाव होता है तो सरकार नया आदेश जारी करेगी।
कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए दिल्ली सरकार ने प्रस्ताव तैयार किया था कि सोशल डिस्टेंसिंग कायम रखने के लिए 50 फीसदी स्टॉफ को ही दफ्तर बुलाया जाए। बाकी 50 फीसदी कर्मचारी घर से काम करें। यह प्रस्ताव केंद्रीय गृह मंत्रालय की तरफ से 25 नवंबर को जारी किए गए दिशा-निर्देश पर आधारित था, जिसके तहत सरकारी दफ्तरों में सीमित स्टाफ के साथ काम करने को कहा गया था।
ग्रेड-एक और उच्चाधिकारियों पर नहीं लागू होगा नियम
दिल्ली सरकार के ग्रेड-एक और उच्चाधिकारियों को छोड़कर बाकी स्टॉफ को वर्क फ्रॉम होम की सुविधा दी गई है। विभाग प्रमुख सुनिश्चित करेंगे कि 50 फीसदी स्टॉफ को ही ऑफिस बुलाया जाए। हालांकि, इसके दायरे से जरूरी सेवाओं में लगे कर्मचारियों को बाहर रखा गया है। सरकारी दफ्तरों, स्वायत्त संस्थानों, पीएसयूए, निगमों, स्थानीय निकायों में नया नियम लागू होगा। निजी नियोक्ताओं को वर्क फ्रॉम होम की सलाह
दिल्ली सरकार ने कॉरपोरेट समेत निजी नियोक्ताओं से अपील की है कि वह दफ्तरों में सामाजिक दूरी को ध्यान में रखते हुए स्टॉफ को बुलाएं। इसके लिए वह वर्क फ्रॉम होम की कार्य संस्कृति को बढ़ावा दे सकते हैं। जहां तक संभव हो कर्मचारियों को घर से काम करने की इजाजत दी जाए। दिल्ली सरकार का मानना है कि निजी दफ्तरों में हर हालत में सोशल डिस्टेसिंग लागू होनी चाहिए।