उत्तर प्रदेश के अफसरों ने बेजुबान पशुओं के इलाज के लिए जरूरी दवाओं, सिरिंज व उपकरणों की खरीद में बड़ा घपला किया है। प्रारंभिक पड़ताल में करीब 50 करोड़ रुपये की दवा व सामग्री तय प्रक्रिया को ताक पर रखकर खरीदे जाने का खुलासा हुआ है। कई दवाएं जांच में घटिया साबित हुई हैं। उपकरण भी मनमानी दरों पर खरीदे गए।
निदेशक ने गड़बड़ी मानी बोले- वसूली होगी, कंपनी को करेंगे ब्लैकलिस्ट
पशुपालन विभाग के निदेशक (रोग नियंत्रण) डॉ. जीवन दत्त ने घटिया दवाओं की आपूर्ति की बात मानी है। उन्होंने कहा, दवाएं उनके कार्यभार संभालने से पहले खरीदी गई थीं। डॉ. दत्त ने बताया, घटिया दवा आपूर्तिकर्ता कंपनियों पर कार्रवाई शुरू कर दी है। उन्हें ब्लैक लिस्ट करेंगे और वसूली भी होगी। हालांकि, कितनी दवाएं खरीदीं, कितनी खराब मिलीं, इस पर वह चुप्पी साध गए।
10 के बजाय 5 दिन में बिड
जेम पर क्रय की न्यूनतम अवधि 10 दिन की होती है। लेकिन, कोविड की शर्त दिखाकर 5 दिन की बिड की गई। कई निविदाएं सात दिन पहले ही खोल दी गईं।
ये दवाइयां जांच में फेल
खरीद जेम के जरिये...मैनुअल किया भुगतान
एक्टिव कोल्ड बाॅक्सेज-48 व 52 की खरीद जेम के जरिये हुई, लेकिन भुगतान मैनुअल किया गया। बिड में स्पिलिट ऑप्शन के तहत एल-2 द्वारा प्राइस मैच करने के बाद एल-1 को 48% व एल-2 को 52% के क्रय आदेश दिए गए।