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सवा पांच लाख का इनामी अशोक प्रधान दबोचा

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नई दिल्ली। पुलिस की स्पेशल सेल की काउंटर इंटेलिजेंस (सीआई) यूनिट ने दिल्ली और हरियाणा के कुख्यात गैंगस्टर अशोक प्रधान (36) को साथी अरुण उर्फ बाबा के साथ गिरफ्तार किया है। अशोक प्रधान हत्या के चार समेत सात केसों में वांछित था। वह वर्ष 2014 में पैरोल जंप करने के बाद से फरार था। दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में हुई कई गैंगवार में 12 से ज्यादा लोगों की मौतों का वह भी प्रमुख कारण था। दिल्ली पुलिस ने इसकी गिरफ्तारी पर 25 हजार व हरियाणा पुलिस ने पांच लाख रुपये का इनाम रखा था। हरियाणा पुलिस ने अरुण की गिरफ्तारी पर भी एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। अशोक दिल्ली के कुख्यात गैंगस्टर नीरज बवानिया और अरुण बाली की हत्या की साजिश रच रहा था।
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सीआई डीसीपी मनीषी चंद्रा के अनुसार, 31 जनवरी को दोनों बदमाशों के बाहरी रिंग रोड पर मिलेनियम पार्क आने की सूचना मिली। एसीपी राहुल विक्रम की देखरेख में इंस्पेक्टर विक्रम दहिया, इंस्पेक्टर संदीप डबास, एसआई मनजीत व सुमेर सिंह की टीम ने घेराबंदी कर दोनों को दबोच लिया। इनसे दो लोडेड हथियार व रोहतक से लूटी गई मारुति सियाज कार बरामद हुई। सोनीपत के गांव मतिंद्र निवासी अरुण उर्फ बाबा (20) रोहतक में हत्या के प्रयास, झज्जर व दिल्ली के बवाना में हत्या के दो केसों में वांछित था। हरियाणा के झज्जर में गांव निलोठी निवासी अशोक प्रधान उर्फ शोकी के खिलाफ कुल 17 मामले दर्ज हैं। फिलहाल यह इनमें से सात में वांछित था।
पुलिस के मुताबिक, अशोक की जेल में बंद नीरज बवानिया व नवीन बाली से गैंगवार चल रही है। इसमें पिछले 10 वर्षों में 12 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है। ये दोनों की पेशी के दौरान कोर्ट में हत्या करना चाहते थे, मगर कोविड प्रोटोकॉल के कारण नहीं कर पाए।
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अशोक प्रधान वर्ष 2001 से अपराध की दुनिया में सक्रिय था। इसने नीतू दबोदिया के कहने पर बहादुरगढ़ में ग्राम प्रधान और बहादुरगढ़ सिटी में डॉक्टर की हत्या कर दी थी। इसके बाद वह सुपारी लेकर हत्या, गैंगवार में हत्या व फिरौती के लिए अपहरण की वारदात करने लगा। वर्ष 2004 में इसके भाई की विरोधी गिरोह के राजीव उर्फ काला ने हत्या कर दी थी। अशोक प्रधान ने राजीव उर्फ काला और उसके गिरोह के कई साथियों को एक-एक कर मार डाला। इस मामले में यह गिरफ्तार हुआ था। वर्ष 2009 में उसे पैरोल मिला था।
दिल्ली पुलिस ने वर्ष 2013 में नीतू दबोदिया व उसके तीन साथियों को मुठभेड़ में मार गिराया था। इसके बाद अशोक प्रधान ने गिरोह की कमान संभाल ली। उसने वर्ष 2016 में गांव बराही हरियाणा निवासी कृष्ण की हत्या कर दी थी। अक्तूबर, 2020 में उसने नीरज बवानिया के साथी शक्ति उर्फ दादा और काला जठेड़ी गिरोह के रोहित की हत्या कर दी थी।
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