आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को मुफ्त और जरूरतमंदों को रियायती दरों पर मिलेगी सुविधा
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली में किडनी के मरीजों को बेहतर डायलिसिस की सुविधा देने के लिए 16 सरकारी अस्पतालों में 300 डायलिसिस मशीनें लगाई गई हैं। इस पहल से आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को मुफ्त और जरूरतमंदों को रियायती दरों पर डायलिसिस की सुविधा मिलेगी।
यह पहल प्रधानमंत्री राष्ट्रीय डायलिसिस कार्यक्रम और दिल्ली सरकार की पीपीपी डायलिसिस परियोजना के तहत की जा रही है। इसमें पहले से संचालित 150 मशीनों के साथ अब 150 नई मशीनें जोड़ी गई हैं। 150 नई डायलिसिस मशीनें जुड़ने से यह संख्या 300 तक पहुंच गई है।
दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने कहा कि डायलिसिस जैसी जीवन रक्षक सुविधा हर जरूरतमंद मरीज के लिए आवश्यक है। यह सुविधा विशेष रूप से उन लोगों के लिए है, जो आर्थिक तंगी का सामना कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस समय भगवान महावीर अस्पताल (उत्तर-पश्चिम), गुरु गोबिंद सिंह अस्पताल (पश्चिम), इंदिरा गांधी अस्पताल (दक्षिण-पश्चिम), पं. मदन मोहन मालवीय अस्पताल (दक्षिण), दीप चंद बंधु अस्पताल (उत्तर-पश्चिम), दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल (पश्चिम), महर्षि वाल्मीकि अस्पताल (उत्तर), लोक नायक अस्पताल (मध्य), राजीव गांधी सुपर स्पेशलिएटी अस्पताल (शाहदरा) और डॉ. हेडगेवार आरोग्य संस्थान (शाहदरा) में डायलिसिस की सुविधा मिल रही है। इसके अलावा डॉ. बाबा साहिब अंबेडकर अस्पताल (उत्तर-पश्चिम), जग प्रवेश चंद्र अस्पताल (उत्तर-पूर्व), बुराड़ी अस्पताल (मध्य), जनकपुरी सुपर स्पेशलिएटी अस्पताल (पश्चिम), अंबेडकर नगर अस्पताल (दक्षिण), संजय गांधी मेमोरियल अस्पताल (उत्तर-पश्चिम) के 6 अस्पतालों में 150 नई मशीनें लगाई जा रही हैं। सरकार इन सभी डायलिसिस सेंटरों पर रेडियोलॉजिस्ट, प्रशिक्षित तकनीशियन और सहायक स्टाफ की तैनाती भी सुनिश्चित कर रही है ताकि इलाज में कोई दिक्कत न हो।
इन्हें मिलेगी मुफ्त सुविधा
दिल्ली के जिन अस्पतालों में पीपीपी मॉडल के तहत मशीनें लगाई गई हैं, उन अस्पतालों में दिल्ली के वे निवासी जो कम से कम तीन साल से रह रहे हैं, जिनके पास प्रमाण के रूप में आधार, वोटर आईडी, ड्राइविंग लाइसेंस, डोमिसाइल प्रमाणपत्र, पासपोर्ट, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कार्ड है और जिनकी वार्षिक आय 3 लाख तक है, वे निशुल्क डायलिसिस के लिए पात्र होंगे।