सीबीआई ने सोमवार को दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड (डूसिब) में 207 करोड़ रुपये के घोटाले का खुलासा किया है। सीबीआई के अधिकारियों ने जानकारी देते हुए बताया कि डूसिब की तरफ से इतनी बड़ी रकम बैंक ऑफ बड़ौदा में एक नकली खाते में स्थानांतरित की गई। हाल ही में सीबीआई की टीम ने डूसिब का औचक निरीक्षण ककिया था, जिसके बाद यह घोटाला सामने आया है। जिसके बाद डूसिब और बैंक ऑफ बड़ौदा के अज्ञात अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। इस मामले में सीबीआई ने शनिवार को बैंक ऑफ बड़ौदा की पटपड़गंज शाखा प्रबंधक के कार्यालय और आवास पर तलाशी ली थी।
सीबीआई ने डूसिब हेड ऑफिस के अकाउंट सेक्शन की जांच की तो उसे पता चला कि 1 सितंबर 2020 से 31 मार्च 2021 के बीच बैंक ऑफ बड़ौदा की पटपड़गंज शाखा में 214 करोड़ रुपये के 112 फिक्स्ड डिपॉजिट खोले गए थे। इन फिक्स्ड डिपॉजिट के लिए डूसिब ने सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया से राशि ली है। एफडी की रसीदें पर्जी तरीके से केवल कागज के ए-फोर शीट पर छपी हैं।
इसके अलावा दूसरे कई दस्तावेजों से पता चला कि डूसिब के नाम पर 6.01 करोड़ रुपये से अधिक की केवल तीन सावधि जमाएं जारी की गई हैं। जबकि 207 करोड़ रुपये से अधिक की 109 अचल जमाएं नकली पाई गई हैं। सीबीआई का आरोप है कि इसमें धन की हेराफेरी की गई है। सीबीआई को यह भी पता चला है कि डूसिब अपने सभी खाते सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में रखता है और जबकि बैंक ऑफ बड़ौजा में खोला गया यह खाता डूसिब को एक निजी कंपनी दिखाते हुए अक्टूबर 2020 में खोला गया था।
डूसिब दिल्ली सरकार के अधीन स्वायत्त रूप से कार्य करने वाला निकाय है। जिसके अध्यक्ष स्वयं दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल हैं। डूसिब मुख्य रूप से दिल्ली में झुग्गी झोपड़ी क्षेत्र के निवासियों की जीवन गुणवत्ता में सुधार करने के लिए कार्य करता है। दिल्ली के अधिकतर रैन बसेरे डूसिब के अंतर्गत ही संचालित किए जा रहे हैं।